facebookmetapixel
कई बड़े शहरों में नहीं बिक रहे घर! मेट्रो सिटी में अनसोल्ड घरों का लगा अंबार, 2025 में आंकड़ा 5.7 लाख के पारMCap: शेयर बाजार की तेजी में टॉप 7 कंपनियों का मुनाफा, ₹1.23 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैपसाल की शुरुआत में FPIs ने निकाले 7,608 करोड़, विदेशी निवेशक रहे सतर्कMarket Outlook: इस हफ्ते बाजार में रुझान तय करेंगे मैक्रो डेटा और FII ट्रेडिंगUS Venezuela Attack: कौन हैं Nicolás Maduro? जिनके पकड़े जाने का दावा अमेरिका ने कियाWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड और घने कोहरे का कहर, IMD ने जारी की चेतावनीUP: लखनऊ में बनेगी AI सिटी, उत्तर प्रदेश को मिलेगा ग्लोबल टेक पहचानHealth Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अधिकतर लोग क्या गलती करते हैं?दिल्ली की हवा इतनी खराब कैसे हुई? स्टडी में दावा: राजधानी के 65% प्रदूषण के लिए NCR व दूसरे राज्य जिम्मेदारExplainer: 50 शहरों में हिंसा, खामेनेई की धमकी और ट्रंप की चेतावनी…ईरान में आखिर हो क्या रहा है?

ट्रंप शुल्क की मार से बाजार बेजार, एशिया से लेकर यूरोप तक में हाहाकार

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 11,639 करोड़ रुपये की बिकवाली की और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 12,309 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Last Updated- March 01, 2025 | 2:24 AM IST
Stock Market

बेंचमार्क सूचकांक आज करीब दो फीसदी टूट गया, जो चार महीने में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। व्यापार शुल्क पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ताजा घोषणा, कंपनियों की आय में नरमी और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार बिकवाली से निवेशकों का हौसला कमजोर पड़ा है, जिससे बाजार में गिरावट बढ़ी है। अमेरिकी के व्यापार शुल्क का वै​श्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका से ए​शिया और यूरोप के बाजारों में भी भारी गिरावट आई।

सेंसेक्स 1,414 अंक या 1.9 फीसदी लुढ़क कर 73,198 पर बंद हुआ। निफ्टी 420 अंक या 1.9 फीसदी के नुकसान के साथ 22,125 पर बंद हुआ। दोनों सूचकांकों में 4 अक्टूबर के बाद एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट आई है। निफ्टी लगातार पांचवें महीने में नुकसान में रहा, जो 1996 के बाद सबसे लंबी मासिक गिरावट है।

ताजा गिरावट के बाद सेंसेक्स अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर से 14.7 फीसदी और निफ्टी 15.6 फीसदी टूट चुका है। निफ्टी मिडकैप अपने उच्चतम स्तर से 21.3 फीसदी और स्मॉलकैप 25.2 फीसदी नीचे आ चुका है। बंबई स्टॉक एक्सचेंज में सूचबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 90 लाख करोड़ रुपये घटकर 384 लाख करोड़ रुपये रह गया।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 11,639 करोड़ रुपये की बिकवाली की और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 12,309 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की थी कि कनाडा और मे​क्सिको पर 25 फीसदी शुल्क 4 मार्च से प्रभावी होगा और चीन के आयात पर भी 10 फीसदी शुल्क लगाया जाएगा। इससे अमेरिका और उसके सबसे बड़े व्यापारिक भागीदारों के बीच तनाव बढ़ सकता है, वहीं अमेरिका की आ​र्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति पर भी असर पड़ सकता है जबकि कनाडा और मे​क्सिको में मंदी देखी जा सकती है। चीन ने अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए जवाबी शुल्क लगा सकता है। 

अल्फानीति फिनटेक के सह-संस्थापक यूआर भट्ट ने कहा, ‘अमेरिका की शुल्क नीति को लेकर बड़ी अनिश्चितता है। चीन पर अतिरिक्त 10 फीसदी शुल्क भारत के लिए सहज हो सकता है मगर 20 फीसदी शुल्क चुनौतीपूर्ण होगा। भारत को मूल्य निर्धारण के मामले में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सकती है लेकिन निवेशक सतर्क हैं क्योंकि अमेरिका के निशाने पर भारत भी आ सकता है। निवेशक फिलहाल शुल्क पर अनि​श्चितता खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं।’

First Published - March 1, 2025 | 2:24 AM IST

संबंधित पोस्ट