facebookmetapixel
Advertisement
रूसी तेल खरीद पर भारत पर 100% अमेरिकी शुल्क का प्रस्ताव, संशोधित प्रतिबंध विधेयक से बढ़ सकती है चुनौतीकैबिनेट ने सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 को दी मंजूरी, ₹1.27 लाख करोड़ की योजना से चिप और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बूस्ट ₹250 वाली छोटी SIP का बढ़ा दायरा, लेकिन निवेश बंद होने की दर अब भी चिंता का विषयEditorial: सेवा उत्पादन सूचकांक से मिलेगी अर्थव्यवस्था की सटीक तस्वीरमानव पूंजी की खाई पाटे बिना अधूरा रहेगा भारत का विकासAI से एंट्री-लेवल नौकरियों पर खतरा, स्किलिंग बनी राष्ट्रीय प्राथमिकताInstamart-HPCL की साझेदारी, अब ऑन-डिमांड मिलेगी 10 किलो HP Navya LPG सिलिंडर की डिलिवरीAI से खुलेंगे आईटी कंपनियों के लिए नए अवसर, ग्राहकों को बदलाव में मदद करने की बेहतर स्थिति में हैं: प्रेमजीCCI के समझौता ढांचे को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती, उपभोक्ताओं के अधिकारों की अनदेखी का आरोपIPO प्राइस से नीचे फिसला SpaceX का शेयर, निवेशकों की बढ़ी चिंता; वैल्यूएशन पर फिर उठे सवाल

पुणे की जेनोवा के कोरोनारोधी टीके को मिली मंजूरी

Advertisement

कंपनी ने दावा किया कि जेमकोववैक-ओएम कोविड-19 के खिलाफ पहला बूस्टर टीका है जिसे ओमिक्रॉन स्वरूप के खिलाफ भारत में विकसित किया गया है।

Last Updated- June 20, 2023 | 10:04 PM IST
Pune's Genova's anti-coronavirus vaccine approved

पुणे की जेनोवा बायोफार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड ने मंगलवार को कहा कि ओमीक्रॉन स्वरूप के खिलाफ उसके एमआरएनए आधारित कोविड-19 बूस्टर टीके (जेमकोववैक-ओएम) को भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई)से आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई है।

कंपनी ने दावा किया कि जेमकोववैक-ओएम कोविड-19 के खिलाफ पहला बूस्टर टीका है जिसे ओमिक्रॉन स्वरूप के खिलाफ भारत में विकसित किया गया है। एक वर्चुअल प्रेस वार्ता में जेनोवा बॉयोफार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के मुख्य कार्याधिकारी संजय सिंह ने कहा कि नैदानिक परीक्षण के दौरान बूस्टर टीका ने करीब 3000 लोगों में जबरदस्त प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया प्रदर्शित की है। यह परीक्षण 13 शहरों के 20 केंद्रों पर किया गया।

उन्होंने कहा कि परीक्षण के दौरान टीका सुरक्षित साबित हुआ जिसके कारण एक भी दुष्प्रभाव का मामला नहीं मिला, जबकि इसकी गुणवत्ता भी शानदार रही। कंपनी की ओर से कहा गया कि कोवैक्सीन या कोविशिल्ड की दो खुराक ले चुके लोगों को बूस्टर टीका लगाया जा सकता है।

यह भी कहा गया कि टीका दो से आठ डिग्री सेल्सियस के ताप पर स्थिर रहता है। यह एक इंट्राडर्मल टीका है जिसको एक सूई रहित उपकरण से दिया जाता है जिसे ‘ट्रोपिस’ कहते हैं। ‘ट्रोपिस’ का विकास अमेरिकी कंपनी फार्मा जेट ने किया है।

Advertisement
First Published - June 20, 2023 | 10:04 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement