facebookmetapixel
Zomato हर महीने 5,000 गिग वर्कर्स को नौकरी से निकालता है, 2 लाख लोग खुद छोड़ते हैं काम: गोयलनया इनकम टैक्स कानून कब से लागू होगा? CBDT ने बताई तारीख, अधिकारियों से तैयार रहने को कहाUS Venezuela Attack: वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई: वैश्विक तेल आपूर्ति पर क्या असर?GST में बदलाव के बाद भी SUV की यूज्ड कार मार्केट पर दबदबा बरकरार, युवा खरीदारों की पहली पसंदक्या बीमा कंपनियां ग्राहकों को गलत पॉलिसी बेच रही हैं? IRDAI ने कहा: मिस-सेलिंग पर लगाम की जरूरतजिस तरह अमेरिका ने वेनेजुएला से मादुरो को उठा लिया, क्या उसी तरह चीन ताइवान के साथ कर सकता है?कहीं आपकी जेब में तो नहीं नकली नोट? RBI ने बताया पहचानने का आसान तरीकाकई बड़े शहरों में नहीं बिक रहे घर! मेट्रो सिटी में अनसोल्ड घरों का लगा अंबार, 2025 में आंकड़ा 5.7 लाख के पारMCap: शेयर बाजार की तेजी में टॉप 7 कंपनियों का मुनाफा, ₹1.23 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैपसाल की शुरुआत में FPIs ने निकाले 7,608 करोड़, विदेशी निवेशक रहे सतर्क

सीसीआई की याचिका पर सुनवाई करे कर्नाटक उच्च न्यायालय

Last Updated- December 14, 2022 | 10:11 PM IST

सर्वोच्च न्यायालय ने एमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ जांच करने के भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश पर कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक को हटाने के लिए दायर की गई उसकी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक आयोग ने इन कंपनियों पर गैर-प्रतिस्पर्धी कारोबारी तरीकों को अपनाने संबंधी आरोपों के खिलाफ जांच का आदेश दिया था।
यह मामला दोबारा से कर्नाटक उच्च न्यायालय में चला गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने कर्नाटक उच्च न्यायालय को निर्देश दिया है कि वह एमेजॉन और फ्लिपकार्ट द्वारा तथाकथित गैर-प्रतिस्पर्धी तरीकों को अपनाने के खिलाफ जांच पर रोक हटाने की सीसीआई की याचिका पर निर्णय दे। उच्च न्यायालय को कहा गया है कि वह छह हफ्तों में इस मामले पर निर्णय दे।  न्यायमूर्ति एएम खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी और संजीव खन्ना के पीठ ने सीसीआई को निर्देश दिया कि वह उच्च न्यायालय में जाए।
सीसीआई की ओर से पेश होने वाले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ सीसीआई की ओर से दिए गए जांच के आदेश की प्रकृति प्रशासनिक है। इससे किसी पक्ष के अधिकारों पर असर नहीं पड़ता है।
ई-कॉमर्स कंपनियों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सीसीआई ने 200 दिनों से अधिक के बिलंब से सर्वोच्च अदालत का रुख किया है।
इस महीने के आरंभ में सीसीआई ने ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ जांच के अपने आदेश पर कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई अंतरिम रोक के खिलाफ अपील की थी।
7 करोड़ व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करने वाला संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत किया है।
कैट के महासचिव प्रवीण खांडेलवाल ने कहा कि कैट सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की प्रशंसा करता है क्योंकि इसमें कर्नाटक उच्च न्यायालय को मामले में निर्णय लेने के लिए छह हफ्तों का समय दिया गया है।

First Published - October 27, 2020 | 1:01 AM IST

संबंधित पोस्ट