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EV पर भारत के जोर देने से घरेलू बाजार में बड़े पैमाने पर घुस सकती है चीनी कंपनियां

भारत का वाहन कलपुर्जा आयात 2022-23 में 20.3 अरब अमेरिकी डॉलर था। इसमें से 30 प्रतिशत चीन से आया था। 

Last Updated- March 24, 2024 | 3:35 PM IST
EV Sales

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के विनिर्माण को बढ़ावा देने पर भारत सरकार के जोर से घरेलू बाजार में बड़े पैमाने पर चीनी वाहन कंपनियों का प्रवेश हो सकता है। शोध संस्थान जीटीआरआई (GTRI) की एक रिपोर्ट में रविवार को यह बात कही गई।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने कहा कि चीन में पर्याप्त सरकारी समर्थन से वहां इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी में तेजी से विकास हुआ है, जिससे वह ईवी और संबंधित कलपुर्जों का अग्रणी निर्यातक बन गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को ई-वाहन विनिर्माण का केंद्र बनाने के लिए नए सिरे से नीतिगत प्रोत्साहन देने और निजी क्षेत्र के आगे आने से चीन के वाहन कलपुर्जा आयात पर निर्भरता तेजी से बढ़ेगी।

भारत का वाहन कलपुर्जा आयात 2022-23 में 20.3 अरब अमेरिकी डॉलर था। इसमें से 30 प्रतिशत चीन से आया था।

First Published - March 24, 2024 | 3:35 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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