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विमानन उद्योग की थमी रफ्तार

Last Updated- December 12, 2022 | 5:51 AM IST

क्रिसिल के एक विश्लेषण में आशंका जताई गई है कि वित्त वर्ष 2022 में घरेलू विमानन कंपनियों को 9,500 से 10,000 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड पूर्व स्तर के मुकाबले हवाई यातायात में कमी और ईंधन कीमतों में तेजी की चिंता बरकरार है लेकिन अंतरराष्ट्रीय परिचालन में धीरे-धीरे सुधार होने से कुछ राहत मिलेगी।
क्रिसिल ने कहा है कि वित्त वर्ष 2021 में अनुमानित घाटे के मुकाबले विमानन कंपनियों को 35 से 40 फीसदी कम नुकसान होने की उम्मीद है।
कोविड-19 वैश्विक महामारी की दूसरी लहर के कारण हवाई यातायात की रफ्तार पहले ही सुस्त पड़ चुकी है। विमानन कंपनियां उड़ानों की बुकिंग को समायोजित करने की कोशिश कर रही हैं क्योंकि बुकिंग वॉल्यूम में करीब 40 फीसदी की गिरावट आई है। मंगलवार को घरेलू हवाई यातायात घटकर 1,83,331 यात्रियों का (पिछले नवंबर के बाद पहली बार 2,00,000 के नीचे) रह गया। गुरुवार को मुंबई हवाई अड्डे ने टर्मिनल 2 (टी 2) के सभी परिचालन को समायोजित करने की घोषणा की। कुछ उड़ानों को टी 1 स्थानांतरित किए जाने के महज एक महीने के भीतर यह घोषणा की गई है। मुंबई में अब सभी घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन 21 अप्रैल से टी 2 से होगा।
देश भर में कोविड-19 के संक्रमण में नए सिरे से तेजी आई है। खासकर दिल्ली और मुंबई में कोविड-19 की दूसरी लहर जोरों पर है जबकि कुल हवाई यातायात में इन दोनों महानगरों का योगदान करीब 36 फीसदी है। ऐसे में अगले छह महीनों के दौरान सुधार की रफ्तार सुस्त पडऩे की आशंका जताई जा रही है। वास्तव में औसत दैनिक घरेलू हवाई यातायात फरवरी के मुकाबले अप्रैल में करीब 15 फीसदी गिरावट के साथ करीब 2,35,000 यात्रियों का रह गया।
क्रिसिल रेटिंग्स के निदेशक गौतम शाही ने कहा, ‘पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान लॉकडाउन एवं परिचालन संबंधी पाबंदियों के कारण घरेलू हवाई यातायात में 85 फीसदी की गिरावट आई थी। कोविड की दूसरी लहर के कारण लगाई गई ताजा पाबंदियों के बावजूद चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में घरेलू हवाई यातायात सालाना आधार पर 3.5 से 4 गुना अधिक रहने की संभावना है जिसे मुख्य तौर पर कमजोर आधार से बल मिलेगा। दूसरी छमाही के दौरान यातायात में काफी सुधार दिखना चाहिए जिसे टीकाकरण अभियान में तेजी और लोगों द्वारा लंबे समय तक घर पर रहने के बाद यात्रा संबंधी पहल से बल मिलेगा।’
वित्त वर्ष 2022 की दूसरी छमाही के दौरान अंतरराष्ट्रीय परिचालन में धीरे-धीरे सुधार होगा जिससे हवाई यातायात को बल मिलेगा। हालांकि ईंधन कीमतों में तेजी के कारण विमानन कंपनियों की परिचालन लागत भी बढ़ रही है। नवंबर 2020 तक र्ईंधन कीमतों में नरमी रहने से विमानन कंपनियों को काफी राहत मिली थी लेकिन उसके बाद से कीमतों में करीब 30 फीसदी का इजाफा हो चुका है। इससे लागत को नियंत्रित करने संबंधी विमानन कंपनियों के उपायों को झटका लगेगा।

First Published - April 15, 2021 | 11:53 PM IST

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