लोकसभा ने अगले वित्त वर्ष के बजट में विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के लिए प्रस्तावित अनुदानों की मांगों एवं उनसे संबंधित विनियोग विधेयक को ‘गिलोटिन’ (एक साथ बिना चर्चा) के माध्यम से गुरुवार को मंजूरी प्रदान कर दी। इस प्रक्रिया के तहत सरकार को वित्त वर्ष 2022-23 के लिये भारत की संचित निधि से 122.34 लाख करोड़ रुपये की धन राशि निकालने को अधिकृत किया गया है ताकि 1 अप्रैल से शुरू हो रहे वित्त वर्ष में विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं को लागू करने के लिये इनका उपयोग किया जा सके।
बजट की अनुदान मांगों और विनियोग विधेयक को पारित कराये जाने के समय सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे। सदन में इससे पहले रेल मंत्रालय, सड़क परिवहन मंत्रालय, नागर विमानन मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय और पोत परिवहन मंत्रालय से संबंधित अनुदान की मांगों पर अलग-अलग चर्चा की गई थी। आज, केंद्रीय बजट से संबंधित करीब 100 मंत्रालयों एवं विभागों से जुड़े अनुदानों की बकाया मांगों को एक साथ बिना चर्चा कराए ‘गिलोटिन’ के माध्यम से सदन की मंजूरी के लिये रखा गया। सदन ने इस संबंध में कुछ सदस्यों के कटौती प्रस्तावों को नामंजूर करते हुए इसे ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में वित्त वर्ष की सेवाओं के लिये भारत की संचित निधि से नियत राशि के संदाय और विनियोग को प्राधिकृत करने के लिए विनियोग विधेयक 2022 सदन में रखा। सदन ने विनियोग विधेयक को भी मंजूरी दे दी। इस प्रक्रिया के साथ बजट पर सामान्य चर्चा और विभिन्न मंत्रालयों से संबंधित अनुदान मागों तथा तत्संबंधी विनियोग विधेयक को सदन की मंजूरी का चरण संपन्न हो गया है। इसके बाद संसद में बजटीय प्रक्रिया के तहत वित्त विधेयक को लोकसभा की मंजूरी के लिये पेश किया जायेगा। वित्त विधेयक को मंजूरी बजटीय प्रक्रिया का अंतिम चरण है।