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ट्रंप का दावा: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी गिरफ्त में; हवाई हमलों की भी पुष्टि की

बता दें कि अमेरिका ने शनिवार रात वेनेजुएला के चार शहरों काराकास, मिरांडा, अरागुआ और ला ग्वायरा को निशाना बनाया था, जिसके बाद चारों ओर अफरा-तफरी मच गई थी

Last Updated- January 03, 2026 | 3:40 PM IST
Donald Trump
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप | फाइल फोटो

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने शनिवार को दावा किया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी सैन्य बलों ने पकड़ लिया है। यह बात ट्रंप ने तब कही जब काराकास में बड़े पैमाने पर हवाई हमलों के बाद शहर में धमाकों की आवाजें गूंज रही थीं।

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा कि अमेरिका ने वेनेजुएला और उसके नेता के खिलाफ बड़ा हमला सफलतापूर्वक किया है। उन्होंने कहा, “मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर देश से बाहर कर दिया गया है। यह ऑपरेशन अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर किया गया।”

ट्रंप ने बताया कि इस विषय पर ज्यादा जानकारी के लिए मार-ए-लागो में सुबह 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी।

Trump

Also Read: अमेरिका का वेनेजुएला पर बड़ा हमला: राजधानी काराकास हुए कई जोरदार धमाके, देश में इमरजेंसी लागू

वेनेजुएला के कई शहरों में हुए जोरदार धमाके

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य बलों ने वेनेजुएला के चार शहरों काराकास, मिरांडा, अरागुआ और ला ग्वायरा को निशाना बनाया। राजधानी काराकास में शनिवार सुबह करीब दो बजे कम से कम सात जोरदार धमाके हुए और हवा में तेज उड़ान भरते विमानों की आवाजें सुनाई दीं। इसके बाद शहर के कई इलाकों में धुएं के गुबार उठते देखे गए। एक सैन्य अड्डे के हैंगर से धुआं निकलता दिखा, जबकि राजधानी की एक दूसरी जगह पर बिजली गुल हो गई। लोग डर के मारे अलग-अलग मोहल्लों से सड़कों पर निकल आए। दूर से भी काराकास के कई हिस्सों में आग की उठती लहरों को देखा जा सकता था।

सोशल मीडिया पर घूम रहे वीडियो में इमारतों में आग लगी दिख रही है और शहर के ऊपर घना धुआं उठता नजर आ रहा है। स्थानीय लोग बताते हैं कि कई मोहल्लों में आग की लपटें और काले धुएं के गुबार दूर से ही साफ दिखाई दे रहे थे।

न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट के मुताबिक, 21 साल की ऑफिस कर्मचारी कार्मेन हिडाल्गो उस वक्त दो रिश्तेदारों के साथ एक बर्थडे पार्टी से लौट रही थीं। उनकी आवाज कांप रही थी जब उन्होंने बताया, “पूरी जमीन हिल गई। यह बहुत डरावना था। हमें धमाके सुनाई दिए और विमानों की आवाजें आईं। लगा जैसे हवा हमें धक्का दे रही हो।”

इस हमले के बाद वेनेजुएला की सरकार ने एक बयान भी जारी किया था जिसमें कहा गया कि यह अमेरिका की तरफ से नागरिक और सैन्य ठिकानों पर एक बड़ा हमला था। बयान में सभी सामाजिक और राजनीतिक ताकतों से अपील की गई कि वे एकजुट होकर सड़कों पर निकलें और इस “साम्राज्यवादी हमले” का विरोध करें। सरकार ने अपने बयान में लिखा, “लोग सड़कों पर उतरे, और इसका जमकर विरोध करें!”

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बीते कई महीनों से धमकी दे रहे थे कि वे जल्द ही वेनेजुएला की जमीन पर ठिकानों पर हमले का आदेश दे सकते हैं। अमेरिका ने वेनेजुएला के समुद्री तट से कई सैंक्शन वाली ऑयल टैंकरों को जब्त भी किया है और ट्रंप ने दूसरे टैंकरों पर नाकाबंदी का आदेश दिया, जो देश की अर्थव्यवस्था को और दबाने जैसा लगता है।

इससे पहले अमेरिकी सेना सितंबर की शुरुआत से कैरिबियन सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में नावों पर हमले कर रही है। ट्रंप प्रशासन ने बताया था कि शुक्रवार तक इन नाव हमलों की संख्या 35 थी और कम से कम 115 लोग मारे जा चुके थे।

इन हमलों के साथ दक्षिण अमेरिका के पानी में अमेरिकी फौजों की बड़ी तैनाती हुई, जिसमें नवंबर में देश का सबसे एडवांस्ड एयरक्राफ्ट कैरियर भी आया, जिससे हजारों अतिरिक्त सैनिक जुड़े। यह इस क्षेत्र की कई सालों बाद सबसे बड़ी सैन्य मौजूदगी थी। ट्रंप ने इन नावों पर हो रहे लगातार हमलों को जरूरी कदम बताया है, ताकि अमेरिका में ड्रग्स की सप्लाई रोकी जाए। उन्होंने दावा किया था कि अमेरिका ड्रग कार्टेल्स से एक सशस्त्र संघर्ष में है।

First Published - January 3, 2026 | 3:07 PM IST

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