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बोली लगाओ और शहरों में गैस पहुंचाओ

Last Updated- December 05, 2022 | 7:04 PM IST

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस प्राधिकरण बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने 39 अरब डॉलर के निवेश की राह आसान बनाने के लिए शहरों में घरों, गाड़ियों और उद्योगों के लिए गैस वितरण के वास्ते कुछ दिशा निर्देश तैयार किए हैं।


पीएनजीआरबी ने इस वितरण का अधिकार देने के लिए बोली लगाने की बात कही है। यह परियोजना नेटवर्क टैरिफ,गैस दाब मूल्य, पाइपलाइन की लंबाई और उपभोक्ता की संख्या को ध्यान में रखकर तैयार की जाएगी।पीएनजीआरबी के अध्यक्ष एल मानसिंह ने पहले भी कहा था कि देश के 250 शहरों में गैस के वितरण संबंधी अधिकार पाने के लिए 250 देशी और विदेशी कंपनियां रुचि ले रही हैं।


बोली के जरिये जिस कंपनी को यह अधिकार मिलेगा उसे उस शहर में 5 वर्षों तक गैस वितरण करने की स्वतंत्रता होगी। 5 वर्ष की अवधि खत्म होने के बाद दूसरी कंपनी को यह अधिकार हस्तांतरित कर दिया जाएगा। इस नई कंपनी को उसी पाइपलाइन का इस्तेमाल करना होगा,जो पहले वाली कंपनी कर चुकी होगी और इसके लिए नई कं पनी को पाइपलाइन के लिए किराये का भुगतान करना होगा।


जो कंपनी वास्तविक तौर पर पहली बार बोली जीतेगी, उसे 25 वर्षों के लिए पाइपलाइन नेटवर्क के संदर्भ में अधिकार दिया जाएगा। दिल्ली में गैस वितरण का काम कर रही कंपनी इन्द्रप्रस्थ गैस लिमिटेड और मुंबई में यही काम कर रही कंपनी महानगर गैस लिमिटेड को भी यह अधिकार पाने के लिए फिर से आवेदन करना होगा।


ये कंपनियां अगर यह अधिकार पाती भी है तो यह अधिकार केवल 3 सालों के लिए होगा जबकि नये शहरों में गैस वितरण करने वाली कंपनी को यह अधिकार 5 सालों के लिए मिलेगा।


एक अधिकारी ने बताया कि कम नेटवर्क टैरिफ लगाकर भी बोली जीती जा सकती है। पीएनजीआबी के सदस्य बी एस नेगी ने बताया कि गैस के उपभोक्ता मूल्य का निर्धारण बोर्ड के हाथ में नही है इसलिए इसे बोली की एक शर्त बनाना सही नहीं है। नेगी ने कहा कि हम इस तरह की बोली का आयोजन प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता कायम रखने के लिए किया जा रहा है।


उद्योग विशेषज्ञ इस नियामक की आलोचना करते हुए कहते हैं कि चूंकि एक कंपनी को यह अधिकार 5 सालों के लिए दी जा रही है, इसलिए उपभोक्ता को खराब सेवा मिलने के बावजूद कोई अतिरिक्त विकल्प नहीं बचेगा।जिस कंपनी को इस बोली में भाग लेना है, उसे इस बात के लिए आश्वस्त करना होगा कि उसके पास गैस के स्रोत मौजूद हैं।


अगर किसी कंपनी को 300 किलोमीटर या उससे ज्यादा लंबी पाइपलाइन के जरिये गैस के वितरण का अनुभव हो और उसके साथ कोई ऐसी कंपनी काम कर रही हो, जिसके पास गैस स्रोत नहीं है तो उसे भी इस बोली में भाग लेने का अधिकार मिल सकता है। पीएनजीआरबी ने कहा कि बोली में वहीं कंपनी भाग ले सकती है जिसे किसी शहर में एक साल के गैस वितरण का अनुभव हो या किसी ऐसे अनुभव वाली कंपनी से हाथ मिला चुकी हो।

First Published - April 4, 2008 | 10:54 PM IST

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