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भारत आईं अमेरिकी वित्त मंत्री ने की चीन से व्यापार की वकालत, कहा- अर्थव्यवस्था के लिए दोनों देश अहम

येलेन ने कहा कि चीन दुनियाभर के कई देशों के लिए एक प्रमुख आयातक है

Last Updated- July 16, 2023 | 4:07 PM IST
US Finance Minister came to India, advocated trade with China, said- both countries are important for the economy
Reuters

अमेरिका की वित्त मंत्री जेनेट येलेन ने रविवार को कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा करना अमेरिका और चीन की साझा जिम्मेदारी है और जब तक दोनों देश सहयोग नहीं करते, तब तक वैश्विक चुनौतियों से निपटने में किसी भी प्रगति की कल्पना करना मुश्किल है।

गांधीनगर के महात्मा मंदिर में G-20 देशों के वित्त मंत्रियों के साथ बैठक से पहले येलेन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चीनी अर्थव्यवस्था की सुस्ती वैश्विक अर्थव्यवस्था की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि चीन दुनियाभर के कई देशों के लिए एक बड़ा आयातक है।

उन्होंने कहा, ‘संबंधों में द्विपक्षीय भागीदारी को लेकर हममें से प्रत्येक की चिंताओं को ईमानदारी से ‍एवं स्पष्ट रूप से व्यक्त करने और उनपर चर्चा करने के अलावा, वैश्विक अर्थव्यवस्था की जरूरतों से निपटना हमारा साझा दायित्व है। और वास्तव में, जबतक अमेरिका और चीन सहयोग नहीं करते, यह कल्पना करना मुश्किल है कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान तलाशने की दिशा में प्रगति हो सकती है।’

अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा, ‘हमने उस संदर्भ में ऋण और जलवायु परिवर्तन पर विशेष रूप से चर्चा की।’

येलेन ने बताया कि चीन के अपने हालिया दौरे के दौरान उन्होंने अपने चीनी समकक्षों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की थी। उन्होंने कहा कि चीन के नेताओं ने उन्हें बताया कि उसके यहां कारोबारी माहौल खुला एवं मैत्रीपूर्ण है और वे देश में विदेशी निवेश चाहते हैं।

येलेन ने कहा कि निर्यात के साथ-साथ चीनी अर्थव्यवस्था में सुस्ती दर्शाती है कि देश में कोविड-19 की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन की समाप्ति के बाद उपभोक्ता खर्च में उतनी वृद्धि नहीं हुई, जितनी कल्पना की गई थी।

उन्होंने कहा, ‘यकीनन यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि चीन दुनियाभर के कई देशों के लिए एक प्रमुख आयातक है। ऐसे में चीनी अर्थव्यवस्था में सुस्ती का असर कई देशों की वृद्धि दर पर पड़ सकता है और आप सब ने ऐसा होते देखा भी है।’

अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा, ‘वे निश्चित रूप से यह बताने के लिए उत्सुक हैं कि चीन में कारोबारी माहौल खुला एवं मैत्रीपूर्ण है और वे देश में विदेशी निवेश आता देखना चाहते हैं। मैं अमेरिकी उद्यमियों से भी मिली, जो चीन में निवेश करने की अनुमति पाने के इच्छुक हैं।’

First Published - July 16, 2023 | 4:05 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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