facebookmetapixel
छत्तीसगढ़ के हर जिले में निवेश बढ़ा, रायपुर से परे औद्योगिक विकास का नया चेहरा: सायWEF में भारत को सराहा गया, टेक महिंद्रा सहित भारतीय कंपनियों का AI में वैश्विक स्तर पर जोरदार प्रदर्शनIndia Manufacturing Index 2026: भारत छठे पायदान पर, बुनियादी ढांचे और कर नीति में सुधार की जरूरतभारत-यूएई रिश्तों में नई छलांग, दोनों देशों ने 2032 तक 200 अरब डॉलर व्यापार का रखा लक्ष्यचांदी ने तोड़ा सारे रिकॉर्ड: MCX पर 5% उछाल के साथ ₹3 लाख प्रति किलो के पार, आगे और तेजी के संकेतदिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का तीसरा रनवे 16 फरवरी से पांच महीने बंद रहेगाQ3 नतीजों में सुस्ती: मुनाफा वृद्धि 17 तिमाहियों के निचले स्तर पर, आईटी और बैंकिंग सेक्टर दबाव में‘महंगे सौदों से दूरी, वैल्यू पर फोकस’, ITC के कार्यकारी निदेशक ने FMCG रणनीति पर खोले अपने पत्तेसबसे कम उम्र में BJP अध्यक्ष का पद संभालेंगे नितिन नवीन, पार्टी के शीर्ष पद के लिए एकमात्र उम्मीदवारJIO का IPO आने के बाद महंगे होंगे रिचार्ज, जुलाई से टेलीकॉम यूजर्स पर बढ़ने वाला है बोझ

US: डोनाल्ड ट्रंप ने गोपनीय दस्तावेज अवैध तरीके से रखने के आरोपों को नकारा

ट्रंप को गोपनीय दस्तावेज रखने संबंधी मामले में अभ्यारोपित किया गया है। यह मामला फ्लोरिडा स्थित ट्रंप के आवास मार-ए-लागो से सैकड़ों गोपनीय दस्तावेज बरामद होने से जुड़ा है।

Last Updated- June 14, 2023 | 11:58 AM IST
US former president Donald Trump

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को संघीय आरोपों को लेकर किसी न्यायाधीश के समक्ष सुनवाई का सामना करने वाले देश के पहले पूर्व राष्ट्रपति बन गए। उन्होंने मियामी के अदालत कक्ष में गोपनीय दस्तावेजों को अवैध तरीके से अपने पास रखने और सरकार के अनुरोध के बावजूद उन्हें लौटाने से इनकार करने के आरोपों को नकार दिया।

ट्रंप को गोपनीय दस्तावेज रखने संबंधी मामले में अभ्यारोपित किया गया है। यह मामला फ्लोरिडा स्थित ट्रंप के आवास मार-ए-लागो से सैकड़ों गोपनीय दस्तावेज बरामद होने से जुड़ा है। इस मामले में दोषी करार दिए जाने की सूरत में ट्रंप को एक साल की जेल की सजा का सामना करना पड़ सकता है।

मामले की सुनवाई एक बार फिर राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने की ट्रंप की इच्छा के आड़े भी आ सकती है। इससे न सिर्फ उनके राजनीतिक भविष्य पर, बल्कि उनकी व्यक्तिगत आजादी पर भी असर पड़ सकता है।

ट्रंप के खिलाफ अभियोग को गत शुक्रवार को सार्वजनिक किया गया था, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति ने इसे जरा भी तव्वजों नहीं देते हुए अपना प्रचार जारी रखा था और इस बात से इनकार किया था कि उन्होंने कुछ भी गलत किया है।

हालांकि, अदालत कक्ष में ट्रंप का बर्ताव इससे ठीक उलट दिखाई दिया। वह हाथ बांधे हुए शांत बैठे थे। वकील ने उनकी ओर से आरोपों को ठुकराने संबंधी याचिका दाखिल की और अदालत की कार्यवाही उनका पासपोर्ट जमा कराए बिना या उन पर यात्रा संबंधी प्रतिबंध लगाए बिना ही समाप्त हो गई।

अभियोजक डेविड हारबैच ने कहा कि ट्रंप को पूर्व राष्ट्रपति के उनके पद को देखते हुए यह छूट दी गई है। मजिस्ट्रेट जज ने ट्रंप से इस मामले में किसी भी गवाह से बात न करने को कहा, जिनमें वाल्ट नाउटा भी शामिल हैं।

नाउटा ट्रंप के करीबी हैं और उन्हें पूर्व राष्ट्रपति के निर्देश पर दस्तावेजों से भरे बक्सों को हटाने और संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) को गुमराह करने के लिए पिछले सप्ताह ही अभ्यारोपित किया गया है। मजिस्ट्रेट जज ने हालांकि कहा कि ट्रंप काम के सिलसिले में नाउटा से बातचीत कर सकते हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मामले पर कार्यवाही आगे बढ़ने पर ट्रंप अपने बचाव में क्या दलील देंगे। उनके दो प्रमुख वकीलों ने मंगलवार को इस्तीफा देने की घोषणा की थी।

First Published - June 14, 2023 | 11:58 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट