facebookmetapixel
Advertisement
UP में विकास और पर्यावरण साथ-साथ! AI निगरानी, ग्रीन टेक्नोलॉजी और सोलर एनर्जी से बदलेगी तस्वीरवाराणसी से अयोध्या तक उद्योगों की नई क्रांति! जानिए क्यों निवेशकों की पसंद बन रहा है पूर्वांचलपूर्वांचल की तरक्की में SBI का बड़ा दांव! MSME, कृषि और पर्यटन को मिल रहा भरपूर लोनखेती में आएगी नई क्रांति! FPO, ड्रोन और AI से छोटे किसानों की बढ़ेगी कमाई, खुलेंगे बड़े बाजारकच्चा तेल, डॉलर और रुपया… आखिर क्यों जुड़े हैं शेयर बाजार के उतार चढ़ाव से?Stock Market Today: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच GIFT Nifty 100 अंक टूटा, एशियाई बाजार मिले-जुले; ब्रेंट क्रूड 88 डॉलर के करीबCrude Oil Prices: कच्चे तेल की कीमतों में आज गिरावट, जानिए क्या है इसकी वजहवाराणसी से बदलेगी पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था! बड़े निवेश के बीच उद्योगपतियों ने गिनाईं ये अहम चुनौतियांयोगी सरकार का बड़ा दावा: पूर्वांचल बनेगा यूपी की 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का सबसे मजबूत आधारSBI Funds Management IPO Listing Today: GMP मजबूत, क्या पहले ही दिन निवेशकों की होगी दमदार कमाई?

हालिया समय में अफगानिस्तान में आतंकवादी समूहों को अधिक आजादी है: UN

Advertisement

रिपोर्ट में सदस्य देशों की चिंता भी व्यक्त की गई है कि तालिबान शासित अफगानिस्तान में आतंकवादी समूहों को हाल के समय में किसी भी समय की तुलना में ‘‘अधिक आजादी’’ प्राप्त है।

Last Updated- February 16, 2024 | 8:06 PM IST
Terrorist attack

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, हाल में इस बात के कोई संकेत नहीं हैं कि 2021 में अफगानिस्तान में सत्ता पर कब्जा करने वाले तालिबान ने युद्धग्रस्त देश में विदेशी आतंकवादी लड़ाकों की गतिविधियों को सीमित करने के लिए कदम उठाए हैं। 

रिपोर्ट में सदस्य देशों की चिंता भी व्यक्त की गई है कि तालिबान शासित अफगानिस्तान में आतंकवादी समूहों को हाल के समय में किसी भी समय की तुलना में ‘‘अधिक आजादी’’ प्राप्त है। विशेष रूप से खतरनाक आईएसआईएल-के आतंकवादी समूह की ताकत में बढ़ोतरी को ध्यान में रखा गया है। 

जेल से हजारों व्यक्तियों की रिहाई के बाद इसके लड़ाकों की संख्या पूर्व अनुमानित 2,200 से लगभग दोगुनी हो गई है। अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को आईएसआईएल (दाएश) द्वारा उत्पन्न खतरे और इससे मुकाबला करने में सदस्य देशों के सहयोग से संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों पर महासचिव की ‘14वीं रिपोर्ट’ के अनुसार, ‘‘15 अगस्त को तालिबान के सैन्य अभियान के बाद अफगानिस्तान में सुरक्षा परिदृश्य नाटकीय रूप से बदल गया जिसने काबुल सहित 34 प्रांतीय राजधानियों में से 33 पर कब्जा कर लिया था।’’ 

रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे कोई हालिया संकेत नहीं हैं कि तालिबान ने देश में विदेशी आतंकवादी लड़ाकों की गतिविधियों को सीमित करने के लिए कदम उठाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘इसके विपरीत सदस्य देश चिंतित हैं कि आतंकवादी समूहों को हाल के समय में किसी भी समय की तुलना में अफगानिस्तान में अधिक स्वतंत्रता प्राप्त है।’’ 

सदस्य देशों का आकलन है कि तालिबान द्वारा अफगानिस्तान में दाएश से जुड़े संगठन इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड द लेवांत-खोरासन (आईएसआईएल-के) के कई लड़ाकों को रिहा किए जाने के बाद उसकी ताकत पहले के अनुमानित 2,200 लड़ाकों से बढ़कर अब 4,000 तक पहुंच गई है। 

महासचिव की रिपोर्ट के अनुसार एक सदस्य देश का आकलन है कि आधे से अधिक व्यक्ति विदेशी आतंकवादी लड़ाके हैं। दाएश पूर्वी अफगानिस्तान में सीमित क्षेत्र को नियंत्रित करता है और यह 27 अगस्त, 2021 को काबुल हवाई अड्डे पर बमबारी जैसे हाई-प्रोफाइल जटिल हमले करने में शामिल रहा है जिसमें 180 से अधिक लोग मारे गए। 

दाएश उसके बाद के कई हमलों, विशेष रूप से तालिबान और शिया समुदाय के सदस्यों के खिलाफ हमलों में भी शामिल रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान में दाएश का नेतृत्व अफगान नागरिक सनाउल्लाह गफारी कर रहा है। समूह देश में उथल-पुथल का फायदा उठा रहा है जिसमें पूर्वी तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट और तुर्किस्तान इस्लामिक पार्टी के लड़ाकों के अलावा अन्य विदेशी आतंकवादी समूहों की भर्ती भी शामिल है। 

Advertisement
First Published - February 16, 2024 | 8:06 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement