facebookmetapixel
Advertisement
स्मार्ट लाइटिंग से चमकेगा भारत! 2031 तक 24 अरब डॉलर पार करेगा स्मार्ट होम मार्केटकैबिनेट का बड़ा फैसला, नागपुर एयरपोर्ट बनेगा वर्ल्ड क्लास हब; यात्रियों को मिलेंगी नई सुविधाएंKharif MSP 2026: खरीफ फसलों की MSP में इजाफा, धान का समर्थन मूल्य ₹72 बढ़ाFMCG कंपनियों में निवेश का मौका, DSP म्युचुअल फंड का नए ETF की पूरी डीटेलUS-Iran War: चीन यात्रा से पहले ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, बोले- ‘डील करो वरना तबाही तय’Cabinet decisions: कोयले से गैस बनाएगी सरकार! ₹37,500 करोड़ की स्कीम से बदल सकती है देश की ऊर्जा तस्वीरहर महीने ₹30,000 करोड़ का नुकसान! आखिर कब तक पेट्रोल-डीजल के दाम रोक पाएगी सरकार?IT Sector Outlook: AI और क्लाउड से मिल रहा बड़ा काम, भारतीय IT कंपनियों के लिए बदल रही तस्वीरFuel Price Update: क्या बढ़ने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? RBI गवर्नर के बयान से बढ़ी चिंताबढ़िया ग्रोथ के बाद Max Financial पर बुलिश हुए ब्रोकरेज, दिए ₹1,980 तक के टारगेट

घटेगा अमेरिकी कच्चे तेल का उत्पादन

Advertisement

2025 में कुल अमेरिकी उत्पादन औसतन 134.6 लाख बैरल रोजाना रहने की संभावना है।

Last Updated- May 14, 2025 | 11:18 PM IST
Oil

डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा घरेलू कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने पर जोर देने के बावजूद इस साल के अंत में अमेरिकी कच्चे तेल के उत्पादन की वृद्धि कम रहने की संभावना है। एसऐंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स ने कहा है कि अमेरिकी व्यापार के भविष्य के बारे में अत्यधिक अनिश्चितता, वैश्विक तेल मांग में कमी तथा अधिक आपूर्ति की आशंका के कारण वृद्धि प्रभावित हो सकती है।

एक वरिष्ठ रिफाइनरी अधिकारी ने कहा कि 2026 में सालाना गिरावट के नए अनुमान से भारत की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा अमेरिका से ज्यादा तेल खरीदने की योजना पर भी असर पड़ सकता है। एसऐंडपी के ताजा अनुमान के मुताबिक मांग का परिदृश्य बदल रहा है। इसके असर से 2020 की कोविड महामारी का वर्ष छोड़ दें तो दशक में पहली बार 2026 में उत्पादन में गिरावट होने जा रही है। 2025 में कुल अमेरिकी उत्पादन औसतन 134.6 लाख बैरल रोजाना रहने की संभावना है। अपतटीय तथा अन्य दीर्घावधि परियोजनाओं से उत्पादन में वृद्धि कीमतों के प्रति कम संवेदनशील हैं। तटीय शेल उत्पादन की वृद्धि भी बरकरार रहने की उम्मीद है।

एसऐंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स के उपाध्यक्ष और क्रूड ऑयल रिसर्च के वैश्विक प्रमुख जिम बर्कहार्ड ने कहा, ‘2022 से अमेरिकी तेल उत्पादन वृद्धि तेल बाजार में एक प्रमुख विशेषता रही है। अमेरिकी उत्पादन में मूल्य-संचालित गिरावट तेल बाजार के लिए एक महत्त्वपूर्ण बिंदु होगा और संभावित मूल्य सुधार के लिए स्थितियां तैयार होंगी।’ 

उन्होंने कहा कि आर्थिक सुस्ती की गंभीरता और मांग में वृद्धि पर पड़ने वाले असर से यह प्रभावित होगा। अमेरिका इस समय भारत पर अमेरिकी उत्पादकों से तेल खरीदने के लिए बातचीत का दबाव बना रहा है, लेकिन वार्ता सुस्त है। एक वरिष्ठ रिफाइनरी अधिकारी ने कहा, ‘शुल्क में बढ़ोतरी के पहले भी अमेरिका के उत्पादक मौजूदा कीमतों के वातारवण में उत्पादन बढ़ाने की स्थिति में नहीं थे। यह मसला द्विपक्षीय बातचीत में भी उठाया गया है।’ उन्होंने कहा कि इसकी वजह से अमेरिका से कच्चे तेल का आयात 2025 के अंत तक कम हो सकता है।

Advertisement
First Published - May 14, 2025 | 11:18 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement