facebookmetapixel
Advertisement
मॉडर्ना की mRNA कैंसर वैक्सीन का कमाल, ट्रायल में मेलेनोमा का खतरा घटा; शेयर 135% उछलाकच्चे तेल में तेजी से घरेलू शेयर बाजार में गिरावट जारी, सेंसेक्स 326 अंक टूटाEPS-95 Pension: हर साल ये दस्तावेज जमा नहीं किया तो रुक सकती है पेंशन!नई कार-बाइक खरीदना होगा महंगा? थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के लिए चुकाने होंगे ज्यादा पैसे!मराठी नहीं बोल सकते तो महाराष्ट्र में नहीं चला सकेंगे ऑटो-टैक्सी, 20 अगस्त से लागू होंगे नए नियममहाराष्ट्र में प्रशासनिक बदलाव: वित्त विभाग को मिले बजटीय अधिकार, CM अब बदल सकेंगे मंत्रियों के फैसलेबिना RERA रजिस्ट्रेशन वाले प्रोजेक्ट में न लगाएं पैसा, बुकिंग से पहले करें ये जांचलोन रिकवरी पर RBI सख्त, रात में कॉल और परिवार पर दबाव नहीं बना सकेंगे एजेंटमहंगाई बढ़ी तो रीपो रेट में हो सकता है इजाफा, RBI MPC के सदस्यों ने दिए संकेतक्लोजिंग ऑक्शन सेशन में हेरफेर पकड़ना आसान, छेड़छाड़ करने वालों पर होगी कार्रवाई: सेबी चीफ

पीएम मोदी के प्रधान सचिव, अमेरिकी वाणिज्य मंत्री ने आर्थिक संबंध मजबूत करने पर चर्चा की

Advertisement
Last Updated- May 24, 2023 | 3:23 PM IST
PM Modi in Australia

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव पी के मिश्रा और अमेरिका की वाणिज्य मंत्री जीना रायमोंडो ने मंगलवार को वॉशिंगटन में बैठक कर दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। वॉशिंगटन में मिश्रा ने अमेरिकी प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, विचारकों और शिक्षाविदों से भी चर्चा की।

वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया, “प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रधान सचिव डॉ. पी के मिश्रा ने अमेरिका की वाणिज्य मंत्री रायमोंडो के साथ सार्थक बैठक की। उन्होंने आर्थिक और प्रौद्योगिकी साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा की।’’

मिश्रा ने यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएआईडी) प्रशासक समांथा पावर से भी बैठक की और आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन (सीडीआरआई) के अंतर्गत चल रहे कार्यों, विकास सहयोग और अन्य देशों की साझेदारियों पर सकारात्मक चर्चा की।

अमेरिका बीते वित्त वर्ष (2022-23) में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बनकर उभरा है।

वाणिज्य मंत्रालय के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, 2022-23 में दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 7.65 प्रतिशत बढ़कर 128.55 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो 2021-22 में 119.5 अरब डॉलर था। 2020-21 में यह सिर्फ 80.51 अरब डॉलर था।

Advertisement
First Published - May 24, 2023 | 3:23 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement