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भारत में बाजार पहुंच में सुधार हुआ, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने कहा- निर्यातकों के लिए कई अवसर

वित्त पर सीनेट समिति के अध्यक्ष चेयरमैन रॉन विडेन ने आरोप लगाया कि भारत की गेहूं सब्सिडी कीमतों को प्रभावित कर रही है और सीधे अमेरिकी किसानों को नुकसान पहुंचा रही है।

Last Updated- April 18, 2024 | 11:10 PM IST
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अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) कैथरीन ताई ने कहा कि भारत ने अमेरिकी कृषि उद्योग के लिए 12 अलग-अलग श्रेणियों में अपना बाजार खोल दिया है। अमेरिकी वित्त समिति द्वारा व्यापार पर कांग्रेस की सुनवाई के दौरान कुछ प्रभावशाली सांसदों के विदेशी देशों द्वारा अनुचित प्रथाओं का मुद्दा उठाने के बाद ताई ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन की नीतियों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि बाइडन प्रशासन ने पिछले तीन वर्षों में 21 अरब अमेरिकी डॉलर की बाजार पहुंच सुनिश्चित की है।

इसके पहले सांसद बिल कैसिडी ने भारत द्वारा चावल सब्सिडी दिए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, ‘हमारे चावल उद्योग से जुड़े लोगों की भी चिंता है, जो कहते हैं कि अगर चावल पर भारतीय सब्सिडी नहीं होती, तो उनका निर्यात करीब 85 करोड़ अमेरिकी डॉलर अधिक होता।’

वहीं वित्त पर सीनेट समिति के अध्यक्ष चेयरमैन रॉन विडेन ने आरोप लगाया कि भारत की गेहूं सब्सिडी कीमतों को प्रभावित कर रही है और सीधे अमेरिकी किसानों को नुकसान पहुंचा रही है।

ताई ने कहा, ‘इसमें भारत के साथ 12 शुल्क श्रेणियां शामिल हैं। भारत एक बढ़ता बाजार है जहां अमेरिकी निर्यातकों के लिए कई अवसर हैं।’

उन्होंने कहा, ‘हम कड़ी मेहनत करने वाले अमेरिकी परिवारों तथा समुदायों, खासकर हमारे ग्रामीण समुदायों के लिए बाजार खोल रहे हैं।’

ताई ने कहा, ‘मिसाल के तौर पर अमेरिका और भारत द्वारा सात डब्ल्यूटीओ (विश्व व्यापार संगठन) विवादों का निपटान करने के बाद भारत कई अमेरिकी उत्पादों पर प्रतिशोधात्मक शुल्क हटाने पर सहमत हुआ। इसका मतलब है कि चना, दाल, बादाम, अखरोट और सेब तक पहुंच में सुधार होगा। इससे मिशिगन, ओरेगन, कैलिफोर्निया और वाशिंगटन सहित हमारे देश भर के किसानों को लाभ होगा।’

First Published - April 18, 2024 | 10:15 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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