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भारत का एमएफएन दर्जा निलंबित: स्विट्जरलैंड

भारत ने कोलंबिया और लिथुआनिया के साथ कर संधियों पर हस्ताक्षर किए थे, जो कुछ तरह की आय पर कम कर दरें प्रदान करती थीं।

Last Updated- December 14, 2024 | 11:04 AM IST
Switzerland
Representative Image

स्विट्जरलैंड ने दोहरे कराधान से बचाव के लिए भारत के साथ हुए समझौते में ‘सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र’ (एमएफएन) के प्रावधान को निलंबित कर दिया है। इससे स्विट्जरलैंड में काम करने वाली भारतीय कंपनियों पर अधिक कर लगने के साथ भारत में स्विस निवेश पर असर पड़ने की आशंका है।

स्विट्जरलैंड के वित्त विभाग ने 11 दिसंबर को एमएफएन दर्जा वापस लेने की जानकारी दी। इस बयान के अनुसार यह कदम भारत के उच्चतम न्यायालय के पिछले साल आए एक फैसले के संदर्भ में उठाया गया है। उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि अगर किसी देश के ‘आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन’ (ओईसीडी) में शामिल होने से पहले भारत सरकार ने उस देश के साथ कर संधि पर हस्ताक्षर किए हैं तो एमएफएन प्रावधान अपने-आप लागू नहीं होता है। भारत ने कोलंबिया और लिथुआनिया के साथ कर संधियों पर हस्ताक्षर किए थे, जो कुछ तरह की आय पर कम कर दरें प्रदान करती थीं। ये दोनों देश बाद में ओईसीडी का हिस्सा बन गए।

स्विट्जरलैंड ने 2021 में कहा था कि कोलंबिया और लिथुआनिया के ओईसीडी सदस्य बनने का मतलब है कि भारत-स्विट्जरलैंड कर संधि पर एमएफएन प्रावधान के तहत लाभांश पर पांच प्रतिशत की दर ही लागू होगी, न कि समझौते में उल्लिखित 10 प्रतिशत की दर।।

First Published - December 14, 2024 | 11:04 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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