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India-Peru FTA: व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए भारत-पेरू एफटीए पर बातचीत फिर शुरू

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लातिन अमेरिका और कैरिबियन (एलएसी) क्षेत्र में भारत के निर्यात का तीसरा सबसे बड़ा ठिकाना पेरू है।

Last Updated- August 04, 2023 | 10:10 PM IST
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भारत और पेरू ने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर फिर बातचीत शुरू करने का फैसला किया है। सितंबर में G 20 शिखर सम्मेलन के बाद दोनों देश बातचीत शुरू करेंगे।

वाणिज्य सचिव सुनील बड़थ्वाल ने सीआईआई के एलएसी कॉन्क्लेव के इतर आज कहा, ‘हमने FTA बातचीत आगे बढ़ाने का फैसला किया है। हम प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर कार्य करेंगे। हम सितंबर के बाद बातचीत शुरू करेंगे।’

इस व्यापार समझौते में मुख्य रूप से वस्तुओं की बाजार तक पहुंच, सेवाओं के क्षेत्र में कारोबार, विशेषज्ञों की आवाजाही, निवेश, विवादों को सुलझाना, कारोबार की तकनीकी बाधाएं, व्यापार उपाय, वस्तु की उत्पत्ति के नियम, सीमा शुल्क प्रक्रियाएं और कारोबारी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।

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लातिन अमेरिका और कैरिबियन (एलएसी) क्षेत्र में भारत के निर्यात का तीसरा सबसे बड़ा ठिकाना पेरू है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2021-22 के 3.6 अरब डॉलर से गिरकर 2022-23 में 3.11 अरब डॉलर हो गया। पेरू को मुख्य तौर पर वाहन, कार, लोहे व स्टील के उत्पाद आदि निर्यात किए जाते हैं। हालांकि पेरू से बहुतायत में खनिज व अयस्क, सोना, उर्वरक, कच्चा तेल आदि आयात किया जाता है।

अधिकारी ने बताया कि चिली भी भारत के साथ कारोबारी समझौता करने में रुचि दिखा रहा है। दोनों देशों ने 2005 में तरजीह व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

इस कार्यक्रम के दौरान वाणिज्य सचिव बड़थ्वाल ने कहा कि एलएसी के कुल आयात में भारत से होने वाले आयात की हिस्सेदारी 2 फीसदी से भी कम है। लिहाजा भारत-एलएसी के बीच द्विपक्षीय व्यापार में विस्तार की संभावनाएं हैं।

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First Published - August 4, 2023 | 10:10 PM IST

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