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पाकिस्तान के लिए विदेशी जहाजरानी कंपनियां बंद कर सकती हैं अपनी सेवाएं: रिपोर्ट

Last Updated- January 21, 2023 | 4:41 PM IST
From 2030, only India-made ships likely in coastal, inland waterways ops

जहाजरानी एजेंटों ने नकदी की तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि विदेशी जहाजरानी कंपनियां उसके लिए अपनी सेवाएं बंद करने पर विचार कर रही हैं। ऐसी स्थिति में देश के सभी निर्यात ठप हो सकते हैं।

इन जहाजरानी कंपनियों ने कहा कि बैंकों ने डॉलर की कमी के चलते उन्हें माल ढुलाई शुल्क देना बंद कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट में शनिवार को यह जानकारी दी गई।

पाकिस्तान शिप एजेंट एसोसिएशन (पीएसएए) के चेयरमैन अब्दुल रऊफ ने वित्त मंत्री इशाक डार को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि जहाजरानी सेवाओं में कोई भी व्यवधान देश के अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है।

एसोसिएशन ने चेतावनी देते हुए कहा, ”यदि अंतरराष्ट्रीय व्यापार बंद कर दिया जाएगा, तो आर्थिक स्थिति और खराब हो जाएगी।”

पाकिस्तानी समाचारपत्र डॉन में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीएसएए चेयरमैन ने स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) के गवर्नर जमील अहमद, वाणिज्य मंत्री सैयद नवीद नमार और समुद्री मामलों के मंत्री फैसल सब्ज़वारी को भी पत्र लिखकर इस स्थिति से अवगत कराया है।

रऊफ ने संबंधित मंत्रालयों और विभागों से अनुरोध किया कि वे संबंधित विदेशी जहाजरानी कंपनियों को माल ढुलाई शुल्क देने की अनुमति देकर पाकिस्तान के समुद्री व्यापार में निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करें।

First Published - January 21, 2023 | 4:41 PM IST

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