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अब तक की सबसे ताकतवर कॉइल गन टेस्ट कर रही चीन की नेवी, जानें हर बात

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चीनी सेना फिलहाल 30-स्टेज कॉइल गन का टेस्ट कर रही है। यह निश्चित नहीं है कि इस तकनीक का उपयोग वास्तविक उपयोग में कब लाया जाएगा।

Last Updated- August 25, 2023 | 4:24 PM IST
Middle east war impact on china

चीनी नौसेना कॉइल गन नामक एक अविश्वसनीय रूप से शक्तिशाली हथियार का टेस्ट कर रही है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रकार का इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हथियार बहुत तेज़ रफ्तार से पलक झपकते शूट कर सकता है।

हाल ही के एक टेस्ट में वैज्ञानिकों ने खुलासा किया कि इस कॉइल गन ने 124 किलोग्राम की भारी वस्तु को 0.05 सेकंड से भी कम समय में 700 किमी/घंटा की गति तक पहुंचा दिया। यह इस तरह के प्रयोग में इस्तेमाल की गई अब तक की सबसे भारी वस्तु थी। इसका साइज क्या है और हथियार कितनी दूर तक मार कर सकता है, इसे गुप्त रखा गया है।

कॉइल गन, जिन्हें मैग्नेटिक असिलरेटर भी कहा जाता है, दुश्मन के ठिकानों पर ज्यादा शक्तिशाली हमले करके युद्ध में क्रांति ला सकती हैं। वे संभावित रूप से मिसाइलें लॉन्च कर सकते हैं या उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेज सकते हैं।

वैसे इस रेस में अमेरिका पीछे नहीं है। क्योंकि वह पहले से ही एक खतरनाक डिवाइस बना चुके हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में, सैंडिया नेशनल लेबोरेटरीज डिवाइस – जो 120 मिमी-कैलिबर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कॉइल मोर्टार टेस्ट डिवाइस है। यह अपनी तरह के सबसे बड़े हथियारों में से एक है, यह 18 किलोग्राम वजनी प्रोजेक्टाइल को मार गिरा सकता है।

साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में छपे एक इजरायली अध्ययन में बताया गया है कि वैश्विक स्तर पर ज्यादातर सिस्टम आमतौर पर केवल कुछ ग्राम वजन वाले और छोटे व्यास वाले छोटे प्रोजेक्टाइल को ही मार सकती हैं।

नेवल यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग के प्रोफेसर गुआन ज़ियाओकुन ने बताया कि कॉइल गन विभिन्न तरीकों से पारंपरिक तोपखाने से बेहतर है। यह तेज़ लॉन्च गति और लॉन्च करने में कम खर्चीली है।

चीन इलेक्ट्रोटेक्निकल सोसायटी के सहकर्मी-समीक्षा जर्नल ट्रांजेक्शन में प्रकाशित एक पेपर में, गुआन और उनके सहयोगियों ने उल्लेख किया कि कॉइल गन स्पीड, रेंज, पावर, सटीकता, सुरक्षा, लचीलेपन और विश्वसनीयता के मामले में महत्वपूर्ण प्रगति कर सकती है।

उन्होंने आगे सुझाव दिया कि कॉइल गन का उपयोग वेपन सिस्टम, पृथ्वी के करीब उपग्रहों और तेज रफ्तार वाले मिसाइल लॉन्च जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है।

चीनी सेना फिलहाल 30-स्टेज कॉइल गन का टेस्ट कर रही है। यह निश्चित नहीं है कि इस तकनीक का उपयोग वास्तविक उपयोग में कब लाया जाएगा। हालांकि, चीन हाल के सालों में टेक्नॉलजी को आगे बढ़ाने के लिए बहुत पैसा लगाता रहा है।

कॉइल गन क्या हैं और वे कैसे काम करती हैं?

इन हथियारों को गॉस बंदूकें भी कहा जाता है। इन गन में बैरल में कई सारी कॉइलें होती हैं। प्रत्येक कॉइल को क्रम से सक्रिय करके, प्रक्षेप्य को आगे बढ़ाने के लिए एक चुंबकीय क्षेत्र बनाया जाता है। जब लॉन्च किया जाता है, तो प्रक्षेप्य कॉइल के केंद्र में रहता है, जो इसे बैरल की वॉल को छूने से रोकता है। यह डिज़ाइन कई शॉट्स के बाद भी टूट-फूट से बचाता है। हालांकि, कई सालों से मौजूद टेक्नॉलजी के बावजूद, मटेरियल साइंस की चुनौतियों के कारण शक्तिशाली गॉस गन बनाना कठिन रहा है।

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First Published - August 25, 2023 | 4:24 PM IST

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