facebookmetapixel
Advertisement
ईरान में तख्तापलट की आहट? ट्रंप की अपील और खामेनी की मौत के बाद क्या बदलेगी सत्ता, समझें समीकरणWest Asia crisis: CBSE का बड़ा फैसला, मध्य पूर्व संकट के चलते 7 देशों में बोर्ड परीक्षाएं स्थगितWest Asia crisis: दिल्ली एयरपोर्ट पर हड़कंप! वेस्ट एशिया संकट के चलते 100 से ज्यादा उड़ानें रद्दGST कलेक्शन में जबरदस्त उछाल: फरवरी में सरकार की झोली में आए 1.83 लाख करोड़ रुपयेMiddle East Crisis: पश्चिम एशिया के बिगड़े हालात से भारत को सता रही है व्यापार व सप्लाई चेन की चिंताFPI Data: 17 महीने में पहली बार विदेशी निवेशकों ने लगाया बड़ा दांव, भारत में आया ₹22,615 करोड़ का बम्प!मिडिल ईस्ट में कोहराम: खामेनेई की मौत के बाद शेयर बाजार में बड़ी गिरावट की आशंका, निवेशक रहें सतर्क!चार साल में पहली बार इतना घटेगा रूसी तेल आयात, क्या बदल रही है भारत की रणनीति?होर्मुज स्ट्रेट हुआ बंद: ईरान के इस कदम से क्या भारत में पेट्रोल-डीजल के लिए मचेगा हाहाकार?Iran-Israel Conflict: खामेनेई के बाद कौन? ईरान में उत्तराधिकार की जंग तेज

इमरान खान को बड़ा झटका! अदालत ने तत्काल राहत देने से किया इनकार

Advertisement

मुख्य न्यायाधीश फारूक ने दलीलें सुनने के बाद सजा पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया।

Last Updated- August 09, 2023 | 9:32 PM IST
Pakistan: Instructions to transfer Imran Khan to high security Adiala jail

इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की सजा पर तत्काल रोक लगाने से बुधवार को इनकार कर दिया। हालांकि अदालत ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी याचिका पर चार से पांच दिन में फैसला लिया जायेगा।

इस्लामाबाद की निचली अदालत ने तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में शनिवार को खान को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद पंजाब पुलिस ने लाहौर में खान के आवास से उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। तोशाखाना मामले में उन पर सत्ता में रहते हुए कीमती उपहार बेचकर मुनाफा कमाने का आरोप है।

जेल की सजा पर रोक लगाने की थी अपील

फिलहाल अटक जेल में बंद खान ने मंगलवार को अपने वकीलों के माध्यम से इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर करके मामले में अपनी दोषसिद्धि और तीन साल की जेल की सजा पर रोक लगाने की अपील की।

मुख्य न्यायाधीश आमिर फारूक की अध्यक्षता में हुई सुनवाई के दौरान खान के वकील ख्वाजा हारिस ने दलील दी कि निचली अदालत ने उन्हें मामले की पैरवी करने की अनुमति दिए बिना अपना फैसला सुना दिया। उन्होंने अदालत से सजा को निलंबित करने और दोषसिद्धि के खिलाफ अपील पर कल से सुनवाई करने का आग्रह किया।

फैसले को रद्द करने का अनुरोध करने संबंधी याचिका में उन्होंने कहा, “तोशाखाना मामले में निचली अदालत का फैसला कानून के खिलाफ है।” मुख्य न्यायाधीश फारूक ने दलीलें सुनने के बाद सजा पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि याचिका अगले चार से पांच दिन के भीतर नियमित सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की जाएगी।

उन्होंने संबंधित पक्षों को नोटिस भी जारी किया। खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल में स्थानांतरित करने के बारे में एक अलग याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने उन प्राधिकारियों से जवाब मांगा जिन्होंने सत्र अदालत के निर्देशानुसार खान को अदियाला के बजाय अटक जेल में रखने का आदेश दिया था।

न्यायाधीश फारूक ने अटक जिला जेल से रावलपिंडी की अदियाला जेल में स्थानांतरण के अनुरोध संबंधी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख खान की याचिका पर संघीय और पंजाब सरकार को 11 अगस्त तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

Advertisement
First Published - August 9, 2023 | 9:32 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement