facebookmetapixel
Advertisement
Mid Cap Stocks: अभी भी कमाई का मौका या दिखेगी उठापटक, निवेशकों के लिए क्या है बड़ी सलाह?HUL में अभी खरीदारी का मौका? ब्रोकरेज को दिख रहा 35% तक का अपसाइडपश्चिम एशिया में सुस्ती का L&T ने निकाला यूरोप वाला तोड़, दो ब्रोकरेज ने दिए ₹4,550 तक के टारगेटGold, Silver Price Today: फेड मीटिंग से पहले बाजार में मिक्स ट्रेंड; सोना ₹243 टूटा, चांदी ₹815 उछलीManipal Health IPO: तेज ग्रोथ, भारी कर्ज और गिरता मुनाफा… निवेशक क्या करें?US Fed Meeting: क्या इस बार भी नहीं बढ़ेगी ब्याज दर? Kevin Warsh के फैसले पर टिकी दुनियाभर के बाजारों की नजरStock Market Update: शेयर बाजार में तूफानी तेजी! Sensex 800 अंक उछला, IT और मिडकैप शेयरों ने भरी उड़ानRupee: लगातार तीसरे दिन मजबूत हुआ रुपया, चौथे दिन भी तेजी बरकरारStocks To Watch Today: RVNL, ONGC, LIC, NTPC समेत इन शेयरों पर रखें नजर, दिख सकता है एक्शन‘डिजिटल अरेस्ट’ को अलग अपराध बनाने पर विचार करे सरकार: सुप्रीम कोर्ट

इमरान खान को बड़ा झटका! अदालत ने तत्काल राहत देने से किया इनकार

Advertisement

मुख्य न्यायाधीश फारूक ने दलीलें सुनने के बाद सजा पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया।

Last Updated- August 09, 2023 | 9:32 PM IST
Pakistan: Instructions to transfer Imran Khan to high security Adiala jail

इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की सजा पर तत्काल रोक लगाने से बुधवार को इनकार कर दिया। हालांकि अदालत ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी याचिका पर चार से पांच दिन में फैसला लिया जायेगा।

इस्लामाबाद की निचली अदालत ने तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में शनिवार को खान को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद पंजाब पुलिस ने लाहौर में खान के आवास से उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। तोशाखाना मामले में उन पर सत्ता में रहते हुए कीमती उपहार बेचकर मुनाफा कमाने का आरोप है।

जेल की सजा पर रोक लगाने की थी अपील

फिलहाल अटक जेल में बंद खान ने मंगलवार को अपने वकीलों के माध्यम से इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर करके मामले में अपनी दोषसिद्धि और तीन साल की जेल की सजा पर रोक लगाने की अपील की।

मुख्य न्यायाधीश आमिर फारूक की अध्यक्षता में हुई सुनवाई के दौरान खान के वकील ख्वाजा हारिस ने दलील दी कि निचली अदालत ने उन्हें मामले की पैरवी करने की अनुमति दिए बिना अपना फैसला सुना दिया। उन्होंने अदालत से सजा को निलंबित करने और दोषसिद्धि के खिलाफ अपील पर कल से सुनवाई करने का आग्रह किया।

फैसले को रद्द करने का अनुरोध करने संबंधी याचिका में उन्होंने कहा, “तोशाखाना मामले में निचली अदालत का फैसला कानून के खिलाफ है।” मुख्य न्यायाधीश फारूक ने दलीलें सुनने के बाद सजा पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि याचिका अगले चार से पांच दिन के भीतर नियमित सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की जाएगी।

उन्होंने संबंधित पक्षों को नोटिस भी जारी किया। खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल में स्थानांतरित करने के बारे में एक अलग याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने उन प्राधिकारियों से जवाब मांगा जिन्होंने सत्र अदालत के निर्देशानुसार खान को अदियाला के बजाय अटक जेल में रखने का आदेश दिया था।

न्यायाधीश फारूक ने अटक जिला जेल से रावलपिंडी की अदियाला जेल में स्थानांतरण के अनुरोध संबंधी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख खान की याचिका पर संघीय और पंजाब सरकार को 11 अगस्त तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

Advertisement
First Published - August 9, 2023 | 9:32 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement