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महादेव सट्टेबाजी मामला: क्या है यह और क्यों रणबीर कपूर को बुलाया गया?

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ईडी द्वारा अपनी जांच शुरू करने से पहले, 2021 में शुरू हुई छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्रवाई में कई एफआईआर, गिरफ्तारियां और संपत्ति जब्त की गई।

Last Updated- October 06, 2023 | 7:32 PM IST
Ranbir Kapoor

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तथाकथित महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर को समन भेजा है। अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने में कथित संलिप्तता के लिए अभिनेता को 6 अक्टूबर को ईडी के सामने पेश होने के लिए कहा गया है।

क्या है महादेव सट्टेबाजी कांड?

महादेव ऑनलाइन बुक एक विशाल अवैध जुआ प्लेटफॉर्म है जो पोकर, कार्ड गेम, क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस और यहां तक कि भारतीय चुनावों सहित कई प्रकार के लाइव गेम और इवेंट पर सट्टेबाजी ऑफर करता है। प्लेटफ़ॉर्म “तीन पत्ती”, पोकर, “ड्रैगन टाइगर” और वर्चुअल क्रिकेट गेम जैसे कार्ड गेम भी ऑफर करता है।

महादेव ऑनलाइन बुक ने लोगों को अवैध सट्टेबाजी में लुभाने के लिए वेबसाइटों, चैट ऐप्स पर क्लोज्ड ग्रुप्स और एडवरटाइजिंग कॉन्टैक्ट नंबरों का इस्तेमाल किया। ईडी की जांच में पाया गया है कि ऑपरेशन में व्यक्ति विशेष और सरकारी अधिकारी दोनों शामिल थे। मामले के संबंध में कुछ गिरफ्तारियां की गई हैं।

महादेव सट्टेबाजी के मास्टरमाइंड

28 वर्षीय सौरभ चंद्राकर और 43 वर्षीय रवि उप्पल – दोनों मूल रूप से छत्तीसगढ़ के हैं, लेकिन लगभग दो साल से दुबई में रह रहे हैं – दोनों को इस ऑपरेशन का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों पर अवैध सट्टेबाजी ऐप के जरिए करीब 5,000 करोड़ रुपये इकट्ठा करने का संदेह है। ईडी की जांच से पता चला है कि ऑपरेशन में पैनल मालिकों के लिए मुनाफा और खिलाड़ियों को भारी नुकसान के लिए गेम्स में हेराफेरी की जा रही थी।

अब तक हुई गिरफ्तारियां

ईडी द्वारा अपनी जांच शुरू करने से पहले, 2021 में शुरू हुई छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्रवाई में कई एफआईआर, गिरफ्तारियां और संपत्ति जब्त की गई।

अगस्त में, पुलिस ने रायपुर, छत्तीसगढ़ में चार लोगों को गिरफ्तार किया- व्यवसायी भाई सुनील और अनिल दम्मानी, एएसआई चंद्र भूषण वर्मा और सतीश चंद्राकर। उन पर गुप्त नेटवर्क के माध्यम से अवैध रूप से धन ले जाने में मदद करने और ऑपरेशन को पुलिस से सुरक्षित रखने का आरोप है।

माना जाता है कि एएसआई वर्मा ने विभाग में अपने पद का इस्तेमाल करके मुख्य संदिग्ध को अधिकारियों से भागने में मदद की थी। ऐसा कहा जाता है कि उन्होंने 65 करोड़ रुपये की रिश्वत ली और इसका कुछ हिस्सा छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े उच्च पदस्थ अधिकारियों के साथ शेयर किया।

ईडी के प्रेस नोट के अनुसार, एएसआई वर्मा ने कबूल किया कि मई 2022 में कुछ पुलिस एक्शन के बाद रिश्वत की रकम बढ़ गई। इसका उद्देश्य उनके खिलाफ मामलों को कमजोर करना, कानूनी कार्रवाई को स्थानीय व्यक्तियों तक सीमित करना और भविष्य में पुलिस कार्रवाई से बचना था। इसके अतिरिक्त, गिरफ्तार व्यक्तियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े उच्च पदस्थ अधिकारियों का जिक्र किया है जिन्हें नियमित रूप से भारी रिश्वत मिलती थी।

आरोपियों ने एएसआई वर्मा के रिश्तेदार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा का नाम लिया था। हालांकि, वर्मा ने मामले में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया और गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनका आरोपियों से कोई संबंध नहीं है।

जूलरी की दुकान, आभूषण ज्वैलर्स और एक पेट्रोल पंप के मालिक दम्मानी बंधुओं ने कथित तौर पर बड़े पैमाने पर हवाला लेनदेन में मदद दी और हर लेनदेन में 100 लाख रुपये का कमीशन कमाया।

सतीश चंद्राकर ने अपने फायदे के लिए ऐप के एक सेक्शन को ऑपरेट करके पुलिस छापे से बचने के लिए एएसआई वर्मा के साथ काम किया।

जब से छत्तीसगढ़ पुलिस ने अपनी जांच शुरू की है, 75 एफआईआर दर्ज की गई हैं, और पूरे भारत से 429 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

लक्जरी सामान और बैंक खातों की जब्ती

द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने 191 लैपटॉप, 858 स्मार्टफोन, सट्टेबाजी से जुड़ी सामग्री और करीब 2.50 करोड़ रुपये की लग्जरी कारें जब्त की हैं। जांच में इस रैकेट में 3,033 से अधिक बैंक खातों के इस्तेमाल का पता चला, जिसमें लगभग 1,035 बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए। इन खातों में जमा कुल रकम करीब 15.50 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

ऐप ऑपरेटरों के खिलाफ आंध्र प्रदेश जैसे अन्य राज्यों में भी एफआईआर दर्ज की गई हैं।

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, महादेव सट्टेबाजी ऐप का नेटवर्क भारत से परे संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका, नेपाल और पाकिस्तान तक फैला हुआ है। ईडी ने मामले के सिलसिले में 417 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज और जब्त कर ली है।

बॉलीवुड स्टार रणबीर कपूर कैसे हैं शामिल?

रणबीर कपूर पर आरोप है कि उन्होंने ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में काम किया और कथित तौर पर ऐप के लिए प्रचार करके पैसे कमाये। कथित तौर पर ईडी ने कपूर के बारे में तब सोचना शुरू किया जब वह इस साल फरवरी में संयुक्त अरब अमीरात में सौरभ चंद्राकर की 200 करोड़ रुपये की शादी में शामिल हुए थे।

News18 ने बताया कि ईडी 16 अन्य बॉलीवुड हस्तियों की जांच कर रही है, जो फरवरी में सौरभ चंद्राकर की शादी और सितंबर में कंपनी की सफलता पार्टी में गए थे।

गुरुवार को एनडीटीवी की एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया कि एक्टर कपिल शर्मा, हुमा कुरैशी, हिना खान और श्रद्धा कपूर को भी महादेव ऐप मामले में ईडी के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। इन एक्टर्स पर आरोप नहीं है लेकिन उन्हें केस के संबंध में बयान देने के लिए कहा गया है।

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First Published - October 6, 2023 | 7:30 PM IST

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