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Wealth migration: क्यों 2025 में 1.42 लाख करोड़पति अपना देश छोड़ेंगे, ये हैं बड़ी वजहें

2024 में, 1 लाख 34 हजार अमीर लोग अपनी संपत्ति के साथ नए देशों में बस गए, खासकर UAE, अमेरिका और इटली जैसे देशों में।

Last Updated- January 09, 2025 | 12:51 PM IST
Wealth migration

Wealth migration: 2025 में लगभग 1,42,000 हाई-नेट-वर्थ डिविजुअल्स (HNWIs), जिनके पास 1 मिलियन डॉलर या उससे अधिक की liquid investable wealth है, नए ठिकाने की ओर रुख करेंगे। Henley & Partners की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, यह बदलाव अब तक की सबसे बड़ी wealth migration को दर्शाता है। इससे पता चलता है कि संपन्न लोग अब अपने निवास स्थान और वित्तीय योजना को लेकर कैसे सोच रहे हैं। साल 2024 में, 1,34,000 हाई-नेट-वर्थ वाले लोगों ने नई जगहों पर बसने का फैसला लिया था। इनमें UAE, USA और Italy में बड़ी संख्या में लोग गए, जबकि UK से अपेक्षा से अधिक लोग बाहर गए। 

हनीली एंड पार्टनर्स की वार्षिक आउटलुक रिपोर्ट में यह बताया गया है कि 2013 से लेकर अब तक, धनकुबेरों का पलायन 51,000 से बढ़कर 2025 में 1.42 लाख होने का अनुमान है, जो  178% की  अभूतपूर्व बढ़ोतरीहै।

क्यों हो रहा है पलायन?

वैश्विक अशांति, भू-राजनीतिक और वित्तीय अस्थिरता, डिजिटलीकरण और प्रवासन कार्यक्रमों ने इस बढ़ते प्रवास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिजिटल कनेक्टिविटी ने पारंपरिक बाधाओं को खत्म कर दिया है, जिससे व्यक्ति बिना भौगोलिक सीमाओं के विचार-विमर्श और सहयोग कर पा रहे हैं। ग्लोबल मेंबरशिप नेटवर्क ने हाई-नेट वर्थ व्यक्तियों को विचारों का आदान-प्रदान करने, साझेदारी बनाने और अवसरों तक पहुंचने में मदद की है।

सिविस मुंडी के निदेशक पॉल डेमिरसियोगलू कहते हैं, “सेफ हेवन 8 निवेश प्रवासन क्षेत्रों जैसे माल्टा, मोनाको, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड और UAE ने हाई-नेट वर्थ वाले व्यक्तियों को आकर्षित किया है, जिनके पास उच्च जीवन स्तर, मजबूत बुनियादी ढांचा हैं। यह स्थल वैश्विक नागरिकों के समुदायों के लिए बड़े हब बन गए हैं।”

राजनीतिक परिवर्तनों का असर

2024 में हुए ऐतिहासिक चुनाव चक्र ने पूरे विश्व के आधे से अधिक जनसंख्या को प्रभावित किया। इसने संपन्न लोगों को अलग-अलग देशों में निवास करने और नागरिकता के विकल्पों की तलाश के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, लगातार चल रहे संघर्ष और आर्थिक अस्थिरता ने इसे और बढ़ावा दिया है। 

UAE, सिंगापुर और कुछ भूमध्यसागरीय देशों में निवेशक सुरक्षा और आकर्षक टैक्स नीतियों के चलते इस नए प्रवृत्ति को बढ़ावा मिला है। Dr. Juerg Steffen, Henley & Partners के CEO ने कहा, “UAE का गोल्डन वीजा प्रोग्राम, क्रिप्टो-फ्रेंडली नीतियां और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, दुनिया भर के संपन्न व्यक्तियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है।”

रियल एस्टेट अब निवेश प्रवासन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है, लेकिन इसकी भूमिका बदल रही है। अब यह कार्यक्रम टिकाऊ विकास और प्रौद्योगिकी एकीकरण पर जोर दे रहे हैं, जिससे संपत्तियां मल्टी-पर्पस संपत्ति बन गई हैं, जो निवास अधिकार के साथ-साथ आय की संभावना और अच्छी जीवनशैली देती है।

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ब्रिटेन से पलायन

ब्रिटेन हमेशा से धनकुबेरों के लिए पसंदीदा स्थल रहा है, लेकिन हाल के सालों में इसमें बदलाव आया है। 2022 में ब्रिटेन में 1,600 हाई-नेट वर्थ वाले लोगों का पलायन हुआ, जो 2023 में बढ़कर 3,200 हो गया और 2024 में यह संख्या 9,500 तक पहुंचने का अनुमान है। यह प्रवृत्ति दिखाती है कि हाई-नेट वर्थ वाले लोगों के लिए रणनीतिक गतिशीलता और विकल्पों की जरूरत बढ़ रही है।

पॉल ने कहा, “वैश्विक नागरिक अब निवास और नागरिकता के एक विविध पोर्टफोलियो को अपने वित्तीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक मानते हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को बढ़ाना एक प्रभावी रणनीति है जो सीमा पार अवसरों तक पहुंच प्रदान करता है।”

First Published - January 9, 2025 | 12:45 PM IST

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