facebookmetapixel
Advertisement
IPL 2026 Final: गेंदबाजों के बाद कोहली का जलवा, RCB ने लगातार दूसरी ट्रॉफी जीतीEditorial: एचडीएफसी बैंक पर फिर उठे सवाल, नियामकीय पारदर्शिता पर बढ़ी चिंताशहरी विकास का अधूरा आधार: भारत में आवास संकट अब सामाजिक नहीं, बल्कि आर्थिक वृद्धि की बड़ी बाधावर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लिए बड़े विदेशी निवेश और गहरे सुधार जरूरी, कैपिटल फ्लो बढ़ाने पर जोरबाजार हलचल: मुश्किल वक्त में निवेशक सम्मेलन, निफ्टी ने सेंसेक्स को पीछे छोड़ दियाअशोक लीलैंड 5 फीसदी फिसला, मांग और मार्जिन को लेकर विश्लेषकों ने जताई चिंताग्लोबल इक्विटी फंड्स से 8 हफ्तों में पहली बार निकासी, निवेशकों का झुकाव अब US टेक और AI थीम की ओरलगातार दूसरे महीने चढ़ने-गिरने वाले शेयरों का रेश्यो पॉजिटिव, मिडकैप ने बनाया नया रिकॉर्डपेंट कंपनियों की चमकी किस्मत: मजबूत मांग और बेहतर प्रोडक्ट मिक्स से Q4 में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन, मार्जिन भी सुधरेFY26 Q4 Results: लिस्टेड कंपनियों का मुनाफा 15.1% बढ़ा, आय वृद्धि 12 तिमाहियों के हाई पर

Vyapam Scam: व्हिसल ब्लोअर डॉ. आनंद राय बर्खास्त, जानें किस कारण नौकरी से हुई छुट्टी  

Advertisement
Last Updated- March 28, 2023 | 2:51 PM IST
Lack of security of Vyapam whistleblower, expressed threat to his life
wikipedia

मध्य प्रदेश सरकार ने कुख्यात व्यापमं मामले के व्हिसल ब्लोअर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. आनंद राय को शासकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इससे पहले इंदौर के हुकुमचंद चिकित्सालय में बतौर नेत्र चिकित्सक पदस्थ रहे राय को रीवा स्थानांतरित किया गया था और रीवा में पदभार न संभालने के कारण वह निलंबित कर दिए गए थे।

राय ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो संदेश में कहा, ‘मध्य प्रदेश सरकार ने और शिवराज सिंह चौहान ने मुझे करीब एक साल पहले निलंबित किया था और मेरे खिलाफ दो विभागीय जांच चल रही थीं। अभी मुझे पता चला है कि मेरी सेवा समाप्त कर दी गई है।’

डॉ. राय ने कहा, ‘मैं यही अपेक्षा कर रहा था क्योंकि एक व्हिसल ब्लोअर और भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता के रूप में मैं सरकार की आंख की किरकिरी बना हुआ था। हाल ही में मैंने पेसा समन्वयक घोटाले को प्रमुखता से उठाया। मुझे बेवजह झूठे मुकदमों में फसाकर 60 दिन जेल में छह गुना छह के छोटे से गुनहखाने में रखा गया। मैं शिवराज सिंह चौहान का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे शासकीय सेवा से मुक्त कर दिया। अब मैं खुलकर अपना राजनीतिक जीवन शुरू कर सकता हूं।’

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राय 29 मार्च 2022 को हुकुमचंद चिकित्सालय में हुए निरीक्षण में अनुपस्थित थे जबकि रजिस्टर में उनकी हाजिरी लगी हुई थी। राय पर यह आरोप भी लगाया गया है कि वह सोशल मीडिया पर विभाग के बारे में मनगढ़ंत पोस्ट लिखते रहे हैं तथा उन पर कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।

आदेश में कहा गया है कि अप्रैल 2022 में इंदौर के अस्पताल से निलंबित करने के बाद राय का मुख्यालय क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं रीवा नियत किया गया था, लेकिन वरिष्ठ कार्यालय के आदेश के बाद भी राय रीवा कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए।

राय ने हाल ही में पेसा के जिला और ब्लॉक समन्वयक पदों पर हुई भर्ती में घोटाले का आरोप लगाया था जिसके बाद पक्ष और विपक्ष के बीच इसे लेकर राजनीति तेज हो गई।

Advertisement
First Published - March 28, 2023 | 2:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement