facebookmetapixel
Advertisement
अब पैकेट बंद खाने पर रहेगी चीनी, नमक और वसा के मात्रा की चेतावनी, SC ने FSSAI को लगाई कड़ी फटकारबारामती हादसे के बाद DGCA का बड़ा एक्शन: 14 चार्टर विमान कंपनियों का शुरू हुआ ‘स्पेशल सेफ्टी ऑडिट’लोक सभा में थमा एक हफ्ते का गतिरोध, अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष ने दिया नोटिसमहत्वपूर्ण खनिजों को लेकर नीति आयोग की केंद्र को बड़ी चेतावनी, कहा: पर्यावरण की कीमत पर न हो माइनिंगअमेरिकी बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों की मचेगी धूम! 46 अरब डॉलर के मार्केट में मिलेगी ‘ड्यूटी-फ्री एंट्री’CBSE का बड़ा फैसला: अब कंप्यूटर पर जांची जाएंगी 12वीं की कॉपियां, OSM सिस्टम होगा लागूसियासी जंग का बमगोला बना तिरुपति का लड्डू, TDP और YSRCP में सियासी जंगब्रांड की दुनिया में स्मृति मंधाना का जलवा: पुरुषों के दबदबे वाले विज्ञापन बाजार में लिख रहीं नई इबादतभारत-अमेरिका ट्रेड डील में डिजिटल व्यापार नियमों पर बातचीत का वादा, शुल्क मुक्त ई-ट्रांसमिशन पर होगी बात!IPO, QIP और राइट्स इश्यू से जुटाई रकम पर सेबी की नजर, नियम होंगे सख्त

Tamil Nadu Budget: तमिलनाडु विधानसभा में 2024-25 के लिए अलग से कृषि बजट पेश

Advertisement

किसान कल्याण मंत्री एम.आर.के. पन्नीरसेल्वम ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों, शाकनाशियों और कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरता में काफी गिरावट आई है

Last Updated- February 20, 2024 | 12:13 PM IST
Tamil Nadu Budget

तमिलनाडु के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री एम.आर.के. पन्नीरसेल्वम ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2024-25 के लिए मंगलवार को अलग से कृषि बजट पेश किया। इसमें मिट्टी की उर्वरता में सुधार लाने सहित नई पहलों की घोषणा की गई। मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि रासायनिक उर्वरकों, शाकनाशियों और कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरता में काफी गिरावट आई है।

उन्होंने समाज के कल्याण के लिए टिकाऊ तथा रसायन-मुक्त कृषि पद्धतियों की ओर बढ़ने की अनिवार्यता को स्वीकार करते हुए एक नई प्रमुख योजना ‘मुख्यमंत्री मन्नुयिर काथु मन्नुयिर कप्पोम योजना’ पेश की। इसे ‘22 घटकों’ के साथ वर्ष 2024-2025 में 206 करोड़ रुपये के परिव्यय पर क्रियान्वित किया जाएगा। मंत्री ने धान की फसल में रासायनिक उर्वरकों को कम करने के कदम, जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद करने के लिए गांवों के पोषण के उपाय आदि संबंधी घोषणाएं भी कीं।

इसके अलावा, पन्नीरसेल्वम ने पारंपरिक धान की किस्मों को प्रोत्साहित करने के लिए बीज वितरण की भी घोषणा की जो मधुमेह से लड़ने में मदद कर सकती है। इसके अलावा उन्होंने मोटा अनाज फसलों के लिए 65.30 करोड़ रुपये अलग से आवंटित करने की घोषणा की।

Advertisement
First Published - February 20, 2024 | 12:13 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement