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‘सेवन सिस्टर्स’ का भाई: सिक्किम का भारत में विलय – इतिहास, महत्व और 50 साल की गौरवगाथा

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चीन ने साल 2003 में सिक्किम को भारतीय राज्य के तौर पर मान्यता दी, जबकि भारत ने तिब्बत को चीनी क्षेत्र का हिस्सा घोषित किया। 

Last Updated- May 15, 2025 | 11:05 PM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: Commons

तीन तरफ से नेपाल, तिब्बत और भूटान से घिरे सिक्किम का भारत के लिए सामरिक महत्त्व काफी अधिक है। यह देश का सबसे कम आबादी और दूसरा सबसे छोटा राज्य है। सबसे छोटा राज्य गोवा है। सि​क्किम में लेप्चा, भूटिया और नेपाली लोगों की संख्या अ​धिक है। सन 1642 से 1975 तक नामग्याल चोग्याल राजवंश के अधीन रहा यह क्षेत्र बौद्ध साम्राज्य था। साल 1835 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने सिक्किम के दार्जिलिंग पर कब्जा जमा लिया और इसे अपना संरक्षित राज्य बना लिया। आजादी यानी 1947 के बाद से सिक्किम भारत का संरक्षित राज्य था। साल 1973 में सिक्किम में राजशाही के खिलाफ विरोध के स्वर बुलंद हुए और अप्रैल 1975 में भारतीय सेना ने गंगटोक शहर पर कब्जा कर चोग्याल के महल के रक्षकों को निहत्था कर दिया। इसके बाद जनमत संग्रह में 97.5 फीसदी लोगों ने राजशाही के विरुद्ध मतदान किया। 16 मई, 1975 को सिक्किम भारत का 22वां राज्य बन गया और राजशाही पूरी तरह खत्म कर दी गई। इसके बाद संसद में 35वां और 36वां संशोधन पारित किया गया, जिससे सिक्किम को पूर्ण राज्य का दर्जा मिल गया। चीन ने साल 2003 में सिक्किम को भारतीय राज्य के तौर पर मान्यता दी, जबकि भारत ने तिब्बत को चीनी क्षेत्र का हिस्सा घोषित किया। 

यह भी पढ़ें…‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान में नहीं हुआ परमाणु विकिरण रिसाव: IAEA

नतीजतन, 40 साल बाद 6 जुलाई, 2006 को नाथू ला को सीमा पार कारोबार के लिए खोल दिया गया। इससे पहले दोनों देशों की सेनाओं के बीच सितंबर 1967 में नाथू ला में हुई झड़पों में भारत ने निर्णायक सामरिक बढ़त हासिल की थी। पूर्वोत्तर के सात राज्यों को खास पहचान दिलाने के लिए साल 1972 में इन्हें संयुक्त रूप से ‘लैंड ऑफ सेवन सिस्टर्स’ का नाम दिया गया। सि​क्किम के पूर्ण रूप से भारत का हिस्सा होने के बाद इसे सेवन सिस्टर्स के भाई के रूप में पहचान मिली। साल 2014 से केंद्र ने आठ राज्यों को ‘अष्टलक्ष्मी’ या देवी लक्ष्मी के आठ रूपों के तौर पर वर्णित किया। इस साल मार्च में सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि राज्य ने स्वर्ण जयंती मनाने की योजना बनाई गई है और उन्होंने इसमें प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया है।                         

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First Published - May 15, 2025 | 10:47 PM IST

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