facebookmetapixel
Advertisement
कौड़ियों के भाव बिक रहा प्याज! लागत भी नहीं निकाल पा रहे किसान, सरकारी दाम पर मचा घमासानपैसे की तंगी से नहीं करा रहे IVF? सर्वे में खुलासा: बिना इलाज कराए लौट रहे हैं 10 में से 6 कपलपीएम मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर से बातचीत की; व्यापार, निवेश और ब्लू इकोनॉमी पर फोकसपश्चिम एशिया संकट से ₹70,000 करोड़ बढ़ेगा फर्टिलाइजर सब्सिडी बोझ! वैकल्पिक मार्गों से बढ़ाई सप्लाईExplainer: UAN पोर्टल पर आधार-पैन डिटेल्स अलग हैं? जानें KYC के जरूरी डॉक्यूमेंट, स्टेप्स और जरूरी नियमइस साल भी होटल सेक्टर में खूब आ रहा है निवेश, पहली तिमाही में 58% बढ़ा; टियर 2 और 3 शहर ग्रोथ इंजनSEBI चीफ बोले- भारतीय शेयर बाजार झटकों को झेलने में सक्षम, घरेलू निवेशक बने सहारा सरकारी नौकरी वाले दें ध्यान! माता-पिता या सास-ससुर के लिए मेडिकल बेनिफिट्स के नियम बदलेहाइब्रिड म्युचुअल फंड्स में FY26 में ₹1.55 लाख करोड़ का निवेश, डायवर्स पोर्टफोलियो का बढ़ा क्रेजप. बंगाल में कर्मचारियों को मिलेगा 7वें वेतन आयोग का फायदा; महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा, अन्नपूर्णा भंडार योजना लागू

SIDBI ने MSMEs की मदद के लिए HDFC बैंक के साथ किया समझौता

Advertisement
Last Updated- June 06, 2023 | 8:13 PM IST
म्युचुअल फंडों ने HDFC बैंक में खरीदे 46,000 करोड़ रुपये के शेयर, Mutual funds bought shares worth Rs 46,000 crore in HDFC Bank

छोटे व मझोले उद्यमों (MSME) को वित्तीय उत्पाद व सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) ने एचडीएफसी बैंक से करार किया है।

मंगलवार को सिडबी ने एमएसएमई इकाइयों को वित्तीय समाधान उपलब्ध कराने के लिए एचडीएफसी बैंक लिमिटेड (hdfc bank limited) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया है।

समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर उप प्रबंध निदेशक, सिडबी वी सत्य वेंकट राव और कार्यकारी उपाध्यक्ष, नेशनल हेड सेल्स एक्सीलेंस एंड ट्रांसफॉर्मेशन, एचडीएफसी बैंक लिमिटेड अखिलेश कुमार रॉय के बीच किया गया।

समझौता ज्ञापन के तहत, सिडबी और एचडीएफसी बैंक लिमिटेड सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के ग्राहकों को पूर्ण वित्तीय उत्पाद और सेवाएं प्रदान करने के लिए मिलकर कार्य करेंगे। समझौता ज्ञापन से एमएसएमई इकाइयों को निर्बाध तरीके से पूर्ण वित्तीय समाधान उपलब्ध कराना आसान होगा ।

एचडीएफसी बैंक लिमिटेड के साथ हुए इस करार के बारे में बताते हुए वी सत्य वेंकट राव, उप प्रबंध निदेशक, सिडबी ने कहा, कि सिडबी तीन दशकों से अधिक समय से एमएसएमई को लगातार आगे बढ़ने में मदद कर रहा है।

उन्होंने कहा कि एमएसएमई इकाइयों को सर्वोत्तम संभव वित्तीय सेवाएं प्रदान की जानी चाहिए क्योंकि वे राष्ट्र के विकास और अर्थव्यवस्था को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह व्यवस्था एमएसएमई इकाइयों को दोनों बैंकों के वित्तीय उत्पादों और सेवाओं का लाभ उठाने में सक्षम बनाएगी। इस व्यवस्था के माध्यम से दोनों बैंक अधिक एमएसएमई इकाइयों को वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा बनाने का प्रयास करेंगे।

Advertisement
First Published - June 6, 2023 | 8:13 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement