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Green hydrogen पर व्यापारिक बाधा लगाने वालों पर होगी जवाबी कार्रवाई

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सिंह ने कहा कि भारत उन देशों पर व्यापारिक बाधाएं लगाएगा, जो हरित हाड्रोजन के निर्यात पर प्रतिबंध लगा रहे हैं।

Last Updated- July 05, 2023 | 11:49 PM IST
Green hydrogen mission meet: Govt to seek funds for next-gen tech research

केंद्रीय बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने कहा कि भारत हरित हाइड्रोजन (green hydrogen) के व्यापार और निर्यात में विकसित देशों द्वारा लगाई जाने वाली व्यापारिक बाधाओं के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा।

हरित हाइड्रोजन पर देश में आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए सिंह ने कहा कि भारत उन देशों पर व्यापारिक बाधाएं लगाएगा, जो हरित हाड्रोजन के निर्यात पर प्रतिबंध लगा रहे हैं।

सिंह ने कहा, ‘कुछ देश ग्रीन हाइड्रोजन (व्यापार और तकनीक) पर बाधाएं लगा रहे हैं। अगर वे बाधाएं लगा रहे हैं तो हम भी बाधाएं लगाएंगे। इसके बाद आपको हमारा बाजार गंवाना होगा।’

मंत्री उन वैश्विक टेंडरों की ओर इशारा कर रहे थे, जिसमें स्थल संबंधी प्रतिबंध लगाया गया है। हाल में हाइड्रोजन खरीदने के लिए जर्मनी के एक वैश्विक टेंडर में भारत के उद्यमियों ने पाया कि यह प्रतिबंधात्मक है और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने इस मसले को विदेश मंत्रालय के सामने रखा था। इनफ्लेशन रिडक्शन ऐक्ट के तहत अमेरिका हरित ऊर्जा स्रोतों पर सब्सिडी दे रहा है, उसने भी कुछ मामलों में स्थानीय विनिर्माण का मानदंड रखा है।

सिंह ने यह नहीं बताया कि किस तरह के व्यापारिक व्यवधान लगाने पर भारत विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि हरित ऊर्जा अपनाने में भारत अग्रणी देश के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत 35 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन विनिर्माण क्षमता के संयंत्र स्थापित करने पर पहले ही काम शुरू हो चुका है। हमने नवीकरणीय ऊर्जा के लिए मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया है, इसलिए ऐसा कर सकते हैं। हमारी 25 गीगावॉट सौर बिजली उत्पादन क्षमता है और 40-50 गीगावॉट क्षमता के संयंत्र लगाने पर काम चल रहा है। हम चीन के बाहर सबसे बड़े सौर सेल और मॉड्यूल विनिर्माता बनकर उभरने जा रहे हैं।‘

सिंह ने निवेशकों को देश में स्वच्छ ऊर्जा स्रोत में निवेश का आग्रह करते कहा कि हरित हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन हैं। उन्होंने निवेशकों से कहा कि हम आपको हरित हाइड्रोजन परियोजनाओं के विकास में मदद करेंगे।

सिंह ने कहा, ‘आप आएं और हमारे साथ भागीदारी करें।’ सम्मेलन में 2,500 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। सिंह ने कहा कि निवेशक इलेक्ट्रोलाइजर के विकास, हरित हाइड्रोजन के परिवहन तंत्र, हरित इस्पात और सीमेंट के विनिर्माण में हरित हाइड्रोजन के इस्तेमाल जैसे क्षेत्रों में भागीदारी कर सकते हैं।

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First Published - July 5, 2023 | 11:49 PM IST

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