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विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोक सभा में बुधवार को आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस भारतीय जनता पार्टी के वित्तीय ढांचे की रक्षा के लिए डेढ़ अरब भारतीयों के भविष्य को बंधक रख दिया है, जिस पर अमेरिका में एक मामला चल रहा है।
लोक सभा में केंद्रीय बजट पर बहस में भाग लेते हुए राहुल ने सरकार पर अंतरिम व्यापार समझौते में ‘भारत माता’ को बेचने का आरोप लगाया और इस समझौते को भारत की ऊर्जा सुरक्षा, किसान हित और कपड़ा क्षेत्र के लिए अमेरिका के समक्ष पूरी तरह समर्पण करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने देश का डेटा भी उसे सौंप दिया है।
गांधी ने सत्ता पक्ष पर तीखे वार करते हुए कहा, ‘आप सदन में किस प्रकार इस करार का बचाव कर सकते हैं? क्या आपको शर्म नहीं आती कि आप क्या दे रहे हैं? आपने भारत को बेच दिया है। आपने हमारी मां- भारत माता को बेच दिया है।’ गांधी ने कहा कि उन्हें भरोसा नहीं हो रहा कि मोदी सहित कोई भी प्रधानमंत्री तब तक इस तरह के समझौते के लिए तैयार हो पाएगा जब तक कि उस पर किसी तरह का भारी दबाव न हो। गांधी ने कहा, ‘प्रधनमंत्री मोदी ने भारत को क्यों बेचा, क्योंकि वे (अमेरिका) उन्हें चारों ओर से घेर रहे हैं। उनकी गर्दन पर उनकी पकड़ है।’ नेता प्रतिपक्ष के भाषण समाप्त करने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने सदन में कहा कि कोई भी भारत को बेच या खरीद नहीं सकता।
राहुल ने उन्होंने एपस्टीन मामले का भी उल्लेख किया और कहा कि तीस लाख फाइलें अभी भी बंद हैं। उन्होंने कुछ उद्योगपतियों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इनमें से एक का परिचय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा जेफरी एपस्टीन से कराया गया था। इस पर लोक सभा अध्यक्ष ने गांधी से उद्योगपतियों के नाम नहीं लेने के लिए कहा। बाद में भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पुरी ने कहा कि तथाकथित ‘एपस्टीन फाइलों’ के संदर्भों की चुनिंदा रूप से गलत व्याख्या की गई है और बार-बार राजनीति के लिए इनका इस्तेमाल किया गया है।’
लोक सभा में अपने भाषण के दौरान कांग्रेस नेता ने देश के लोगों, उनके डेटा, खाद्य आपूर्ति और ऊर्जा को सबसे महत्त्वपूर्ण बताया और कहा कि चुनौतीपूर्ण स्थितियों से जूझ रही दुनिया में इनकी सबसे ज्यादा रक्षा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार ने न केवल टैरिफ पर घुटने टेके हैं, बल्कि हमारे डेटा को भी उनके ऊपर छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से सोयाबीन, कपास, मक्का और लाल ज्वार उगाने वाले किसानों को विशाल मशीनीकृत अमेरिकी खेतों की दया पर छोड़ दिया गया है। बांग्लादेश-अमेरिका व्यापार सौदे के बाद भारत का कपड़ा उद्योग समाप्त हो जाएगा। यह शर्मनाक है। उन्होंने कहा, ‘किसी भी प्रधानमंत्री ने पहले कभी ऐसा नहीं किया है और आपके बाद भी कोई प्रधानमंत्री ऐसा कभी नहीं करने वाला है।’
कांग्रेस नेता ने अमेरिका में एक भारतीय उद्योगपति के खिलाफ एक मामले का उल्लेख किया और आरोप लगाया कि सरकार ने उस उद्योगपति को समन तामील करने की अनुमति नहीं दी है। सत्र की अध्यक्षता कर रहे जगदंबिका पाल ने गांधी से उन लोगों का नाम न लेने के लिए कहा, जो सदन के सदस्य नहीं हैं।