Gold and Silver Price Outlook: दुनिया भर में बढ़ती अनिश्चितता के बीच सोना और चांदी फिर से चर्चा में हैं। Emkay Wealth Management की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इन कीमती धातुओं में चल रही तेजी कोई छोटी या अस्थायी उछाल नहीं है। रिपोर्ट कहती है कि यह कई सालों तक चलने वाली मजबूत तेजी की शुरुआत हो सकती है।
Emkay Wealth के हेड ऑफ रिसर्च डॉ. जोसेफ थॉमस का कहना है कि इस बार सोना और चांदी की रैली केवल ट्रेडिंग या अफवाहों पर आधारित नहीं है। दुनिया भर के बड़े निवेशक अब अपने पोर्टफोलियो में स्थायी रूप से सोना और चांदी को जगह दे रहे हैं। पहले इन्हें सिर्फ मुश्किल समय में सुरक्षा के लिए खरीदा जाता था, लेकिन अब इन्हें लंबे समय के निवेश के रूप में देखा जा रहा है।
केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं। ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ रही है। इन सब वजहों से सोना और चांदी को मजबूत सहारा मिल रहा है।
अगर अमेरिका में ब्याज दरें घटती हैं तो सोने को फायदा होता है। साथ ही अगर डॉलर कमजोर होता है तो भी कीमती धातुओं की कीमतों को समर्थन मिलता है। 2022 से कई देशों के केंद्रीय बैंकों ने बड़ी मात्रा में सोना खरीदा है। इससे कीमतों को नीचे जाने से बचाव मिला है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
भारत में सोने से रिटर्न और बेहतर रहा है। इसकी वजह यह है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ने के साथ रुपया भी कमजोर हुआ है। जब रुपया कमजोर होता है तो भारतीय निवेशकों को ज्यादा लाभ मिलता है। हालांकि अगर आगे चलकर रुपया मजबूत होता है तो यह फायदा थोड़ा कम हो सकता है।
इस बार चांदी की तेजी सिर्फ निवेश की वजह से नहीं है। सोलर पैनल, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे सेक्टरों में चांदी की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसका मतलब यह है कि चांदी का इस्तेमाल भविष्य की टेक्नोलॉजी में बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि इस बार चांदी की तेजी को ज्यादा मजबूत और टिकाऊ माना जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार अगर वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती बनी रहती है और केंद्रीय बैंक नरम नीति अपनाते हैं तो सोना और चांदी को आगे भी समर्थन मिलता रहेगा। लेकिन अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था उम्मीद से ज्यादा मजबूत रहती है या डॉलर बहुत ज्यादा मजबूत होता है तो कुछ समय के लिए तेजी धीमी पड़ सकती है।
Emkay Wealth की सलाह है कि निवेशक संतुलन बनाए रखें। नए निवेशक अपने कुल पोर्टफोलियो का लगभग 5 से 10 प्रतिशत हिस्सा सोना और चांदी में रख सकते हैं। निवेश एक बार में करने के बजाय धीरे धीरे करना बेहतर रहेगा, खासकर जब बाजार में गिरावट आए।
जिन निवेशकों के पोर्टफोलियो में सोना और चांदी की हिस्सेदारी 25 से 30 प्रतिशत से ज्यादा है, उन्हें सलाहकार से बात कर अपनी रणनीति की समीक्षा करनी चाहिए और जरूरत हो तो कुछ मुनाफा बुक करना चाहिए।