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HDFC बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी, ICICI ग्रुप को मिली अहम मंजूरी

5% से नीचे गया हिस्सा तो फिर लेनी होगी इजाजत, जानिए RBI की शर्तें और पूरा मामला

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- February 12, 2026 | 8:25 AM IST

ICICI AMC HDFC Bank Stake Buy: देश के बैंकिंग सेक्टर में एक अहम हलचल देखने को मिली है। भारतीय रिजर्व बैंक ने ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी और ICICI ग्रुप की अन्य कंपनियों को HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी 9.95 प्रतिशत तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले की जानकारी HDFC बैंक ने बुधवार देर रात शेयर बाजार को दी।

6 फरवरी तक ICICI ग्रुप की कंपनियों के पास HDFC बैंक में कुल 4.07 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। अब RBI की मंजूरी के बाद समूह के पास अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। HDFC बैंक बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश का सबसे बड़ा बैंक है और इसकी वैल्यू करीब 157 अरब डॉलर बताई जाती है। ऐसे में ICICI ग्रुप का यह कदम रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

RBI की मंजूरी एक साल के लिए मान्य, 9.95 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं

RBI ने यह अनुमति एक साल की अवधि के लिए दी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि ICICI समूह की कुल हिस्सेदारी किसी भी समय 9.95 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। समूह को इस सीमा का हर हाल में पालन करना होगा।

5 प्रतिशत से नीचे गई हिस्सेदारी तो लेनी होगी नई अनुमति

अगर किसी वजह से ICICI समूह की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत से नीचे चली जाती है, तो दोबारा 5 प्रतिशत या उससे अधिक हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए उसे RBI से नई मंजूरी लेनी होगी। यानी हिस्सेदारी बढ़ाने और बनाए रखने दोनों पर नियामकीय नजर बनी रहेगी। अब बाजार की निगाह इस पर टिकी है कि आने वाले महीनों में ICICI ग्रुप किस गति से अपनी हिस्सेदारी बढ़ाता है और इसका HDFC बैंक के शेयर पर क्या असर देखने को मिलता है। (रॉयटर्स के इनपुट के साथ)

First Published : February 12, 2026 | 8:18 AM IST