ITR Refund Delay: अगर आपने आयकर रिटर्न दाखिल कर दिया है लेकिन रिफंड का इंतजार अभी भी जारी है, तो आप अकेले नहीं हैं। सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 90 दिनों से अधिक समय से 24.64 लाख से ज्यादा आयकर रिटर्न प्रोसेस नहीं हो पाए हैं।
4 फरवरी 2026 तक करीब 8.8 करोड़ रिटर्न दाखिल किए जा चुके थे। इनमें से 24,64,044 रिटर्न तीन महीने से अधिक समय से लंबित हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में करदाताओं को अपने रिफंड का इंतजार करना पड़ रहा है।
ITR Refund में देरी क्यों होती है
Moneyfront के को-फाउंडर और सीईओ मोहित गांग के अनुसार, आयकर रिफंड अटकने की सबसे बड़ी वजह रिटर्न में दी गई जानकारी और विभाग के रिकॉर्ड के बीच अंतर होता है। खासकर Form 26AS और AIS में दर्ज विवरण और ITR में भरी गई जानकारी मेल नहीं खाती तो प्रोसेसिंग रुक सकती है।
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एक्सपर्ट के अनुसार ITR Refund Delay के प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:
डेटा में अंतर
यदि टीडीएस या आय का विवरण Form 26AS या AIS से अलग दर्ज किया गया है तो सिस्टम उसे रोक सकता है।
ई-वेरिफिकेशन न करना
रिटर्न दाखिल करने के बाद 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफाई करना जरूरी है। ऐसा न करने पर रिटर्न अमान्य भी हो सकता है।
गलत बैंक विवरण
गलत खाता संख्या, IFSC कोड या अमान्य बैंक खाता होने पर रिफंड ट्रांसफर नहीं हो पाता।
पुरानी टैक्स देनदारी
अगर पिछले वर्षों का कोई बकाया टैक्स है तो मौजूदा रिफंड को उससे समायोजित किया जा सकता है।
स्क्रूटनी या मैनुअल जांच
बड़े रिफंड क्लेम या संदिग्ध आंकड़ों की स्थिति में रिटर्न को मैनुअल जांच के लिए चुना जा सकता है।
पैन और आधार में असमानता
नाम या जन्मतिथि में अंतर होने पर भी प्रोसेसिंग प्रभावित होती है।
ITR रिफंड मिलने में कितना समय लगता है
आमतौर पर सही तरीके से भरे गए रिटर्न का रिफंड 4 से 6 सप्ताह में जारी हो जाता है। हालांकि यदि कोई त्रुटि हो या मामला जांच में चला जाए तो धारा 143(1) के तहत सूचना आने और आगे की प्रक्रिया में कई महीने लग सकते हैं।
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IT Refund Delay से बचने के लिए क्या करें
करदाता कुछ सावधानियां अपनाकर रिफंड में देरी से बच सकते हैं:
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रिटर्न भरने के तुरंत बाद 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन जरूर करें
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ITR दाखिल करने से पहले Form 26AS और AIS से सभी आंकड़े मिलान करें
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ई-फाइलिंग पोर्टल पर बैंक खाते को प्री-वैलिडेट कर लें और खाता सक्रिय रखें
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अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते रिटर्न भरें
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पैन को आधार से लिंक रखें
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पोर्टल और ईमेल नियमित रूप से चेक करें और धारा 139(9) के तहत आए किसी भी नोटिस का तुरंत जवाब दें
मोहित गांग का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और सही जानकारी के साथ रिफंड की प्रक्रिया को तेज और आसान बनाया जा सकता है। यदि आपका रिफंड लंबित है तो सबसे पहले अपने रिटर्न की स्थिति पोर्टल पर जांचें और आवश्यक सुधार समय पर करें।