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HUL Q3 Results: हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) का FY26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंसॉलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 2 गुना से ज्यादा बढ़ गया। ऐसा आइसक्रीम डीमर्जर से हुए एक बार के पॉजिटिव असर की वजह से हुआ, जिसे डीमर्जर की मंजूर स्कीम और प्रभावी अकाउंटिंग स्टैंडर्ड के हिसाब से हिसाब में लिया गया। हालांकि, अगर एक्सेप्शनल आइटम्स को हटा दें, तो प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 1% बढ़कर 2,562 करोड़ रुपये रहा।
HUL की इस तिमाही में अंडरलाइंग वॉल्यूम ग्रोथ 4% रही। HUL की CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रिया नायर ने नतीजों में कहा कि इस तिमाही में मांग के रुझानों में रिकवरी के शुरुआती संकेत दिखे, जिसे नीतिगत कदमों का समर्थन मिला। इस माहौल में हमने अपने प्रतिस्पधियों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। जिसमें 6% रेवेन्यू ग्रोथ और 4% अंडरलाइंग वॉल्यूम ग्रोथ रही।
तीसरी तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 6,607 करोड़ रुपये रहा। दिसंबर में समाप्त तिमाही में कंपनी की नेट सेल्स 5.6% बढ़कर 16,441 करोड़ रुपये रही। कंपनी का कामकाजी मुनाफा (EBITDA) 3,788 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 3% बढ़ा। वहीं EBITDA मार्जिन 23.3% रहा, जो कंपनी के अनुसार तय गाइडेंस रेंज के भीतर रहा।
नायर ने कहा कि कंपनी ने अपने ब्रांड्स के जरिए बड़े स्तर पर ग्राहकों की पसंद बढ़ाने, तेज ग्रोथ वाले डिमांड स्पेस में बाजार विकास को तेज करने और क्विक कॉमर्स के लिए एक समर्पित संगठन बनाकर ‘चैनल्स ऑफ द फ्यूचर’ को मजबूत करने पर काम जारी रखा। FMCG में मार्केट लीडर होने के नाते, आधुनिक ब्रांड बनाने, नई कैटेगरी तैयार करने और भविष्य के लिए मजबूत आधार बनाने में असमान रूप से निवेश करने को लेकर कंपनी प्रतिबद्ध है। इससे कंपनी को टिकाऊ वॉल्यूम-आधारित ग्रोथ और लंबे समय में शेयरहोल्डर वैल्यू बनाने की बेहतर स्थिति में रखती है।
डव साबुन बनाने वाली कंपनी ने यह भी घोषणा की कि उसने न्यूट्रिशनलैब प्राइवेट लिमिटेड (Wellbeing Nutrition) में अपनी 19.8% हिस्सेदारी 307 करोड़ रुपये में USV प्राइवेट लिमिटेड को बेच दी है। साथ ही, कंपनी Zywie वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (OZiva) का भी पूरी तरह अधिग्रहण कर रही है, जिसकी कीमत 824 करोड़ रुपये है। HUL ने 51% हिस्सेदारी OZiva में खरीदी है।
कंपनी ने कहा कि 2023 में हेल्थ एंड वेलबीइंग (H&W) कैटेगरी में आने के बाद से HUL ने इस नई लेकिन तेजी से बढ़ती कंज्यूमर कैटेगरी में मजबूत मौजूदगी बनाने पर फोकस किया है। OZiva ने मजबूत प्रदर्शन किया है। यह 2025 में लगभग 480 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और पिछले 2 साल में 130% CAGR की ग्रोथ दर्ज की है। यह एक मजबूत पोर्टफोलियो बनाने और HUL के इकोसिस्टम के जरिए बड़ी सिनर्जी हासिल करने से संभव हुआ।
HUL के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने पहले से तय वैल्यूएशन फ्रेमवर्क के अनुसार शेष 49% हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दे दी है। इसके लिए कंपनी 824 करोड़ रुपये देगी और इसके बाद OZiva, कंपनी की पूरी तरह स्वामित्व वाली सहायक इकाई बन जाएगी। कंपनी को उम्मीद है कि दोनों डील मार्च तक पूरी हो जाएंगी, हालांकि यह सामान्य क्लोजिंग कंडीशंस पर निर्भर होगा।
नायर ने कहा, हेल्थ एंड वेलबीइंग हमारे लिए एक अहम ग्रोथ वेक्टर है, जिसे रोजमर्रा की वेलनेस में बढ़ती उपभोक्ता रुचि चला रही है। OZiva का पूरा मालिकाना हक लेकर हम इस स्पेस में अपनी पकड़ और मजबूत कर रहे हैं, ताकि ग्रोथ के अगले फेज को खोला जा सके। आज के फैसले यह दिखाते हैं कि हमारा फोकस कम लेकिन बड़े दांव लगाने पर है, जहां हम विज्ञान, डिस्ट्रिब्यूशन और मार्केट ग्रोथ में HUL की पावर का इस्तेमाल कर उद्देश्य-आधारित ब्रांड्स को बड़े स्तर पर बढ़ा सकें।