facebookmetapixel
Advertisement
Stocks To Watch Today: Apollo, Hindustan Zinc, Coal India समेत आज इन शेयरों पर रखें नजरअब पैकेट बंद खाने पर रहेगी चीनी, नमक और वसा के मात्रा की चेतावनी, SC ने FSSAI को लगाई कड़ी फटकारबारामती हादसे के बाद DGCA का बड़ा एक्शन: 14 चार्टर विमान कंपनियों का शुरू हुआ ‘स्पेशल सेफ्टी ऑडिट’लोक सभा में थमा एक हफ्ते का गतिरोध, अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष ने दिया नोटिसमहत्वपूर्ण खनिजों को लेकर नीति आयोग की केंद्र को बड़ी चेतावनी, कहा: पर्यावरण की कीमत पर न हो माइनिंगअमेरिकी बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों की मचेगी धूम! 46 अरब डॉलर के मार्केट में मिलेगी ‘ड्यूटी-फ्री एंट्री’CBSE का बड़ा फैसला: अब कंप्यूटर पर जांची जाएंगी 12वीं की कॉपियां, OSM सिस्टम होगा लागूसियासी जंग का बमगोला बना तिरुपति का लड्डू, TDP और YSRCP में सियासी जंगब्रांड की दुनिया में स्मृति मंधाना का जलवा: पुरुषों के दबदबे वाले विज्ञापन बाजार में लिख रहीं नई इबादतभारत-अमेरिका ट्रेड डील में डिजिटल व्यापार नियमों पर बातचीत का वादा, शुल्क मुक्त ई-ट्रांसमिशन पर होगी बात!

भारत में तेंदुओं की संख्या बढ़कर 13,874 हुई

Advertisement

बयान में कहा गया है, "शिवालिक पहाड़ियों और गंगा के मैदानी इलाकों में, प्रति वर्ष 3.4 प्रतिशत की दर से संख्या में गिरावट हुई है।"

Last Updated- February 29, 2024 | 4:55 PM IST
leopard
Representative Image

भारत में तेंदुए की अनुमानित संख्या 2022 में बढ़कर 13,874 हो गई जो 2018 में 12,852 थी। लेकिन शिवालिक पहाड़ियों और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तेंदुए की संख्या में गिरावट आई है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव द्वारा जारी की गई “भारत में तेंदुओं की स्थिति” रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्य प्रदेश में देश में तेंदुओं की अधिकतम संख्या 3,907 (2018 में 3,421) है। महाराष्ट्र में तेंदुओं की संख्या 2018 में 1,690 थी जो 2022 में बढ़कर 1,985 हो गई जबकि कर्नाटक में 1,783 से बढ़कर 1,879 और तमिलनाडु में 868 से बढ़कर 1,070 हो गई।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “मध्य भारत में तेंदुए की आबादी स्थिर या थोड़ी बढ़ रही है (2018 में 8,071 के मुकाबले 2022 में 8,820); वहीं शिवालिक पहाड़ियों और मैदानी इलाकों में गिरावट देखी गई।’’ इस क्षेत्र में तेंदुए की संख्या 2018 में 1,253 थी जो 2022 में 1,109 हो गई।

बयान में कहा गया है, “शिवालिक पहाड़ियों और गंगा के मैदानी इलाकों में, प्रति वर्ष 3.4 प्रतिशत की दर से संख्या में गिरावट हुई है।”

Advertisement
First Published - February 29, 2024 | 4:55 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement