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MP सरकार भोपाल गैस त्रासदी के बचे लोगों के लिए विभाग बंद करने की बना रही योजना: संगठनों का दावा

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BGTRR मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि विभाग को बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

Last Updated- November 30, 2023 | 9:26 PM IST
MP government planning to close department for survivors of Bhopal gas tragedy: Organizations claim

भोपाल गैस त्रासदी की 39वीं बरसी से पहले, गैस पीड़ितों के कल्याण के लिए काम करने वाले पांच संगठनों ने गुरुवार को दावा किया कि मध्य प्रदेश सरकार भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग को बंद करने की योजना बना रही है।

हालांकि, प्रदेश सरकार के एक मंत्री ने इसका खंडन किया है। दो और तीन दिसंबर 1984 की दरमियानी रात को यूनियन कार्बाइड फैक्टरी से जहरीली गैस के रिसाव के बाद कई हजार लोग मारे गए थे। अब यह कारखाना बंद हो चुका है।

BGTRR मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि विभाग को बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। बचे लोगों के कल्याण के लिए काम करने वाले संगठनों में से एक, भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन की रचना ढींगरा ने कहा, ‘‘हमें हाल ही में एक गोपनीय दस्तावेज़ मिला है जिसमें भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग (BGTRR) को बंद करने की योजना बताई गई है।’’

उन्होंने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल की अगली बैठक में चर्चा की जाने वाली इस योजना में गैस राहत विभाग द्वारा संचालित पांच अस्पतालों और नौ औषधालयों को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा विभागों को सौंपने का प्रस्ताव है।

भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष नवाब खान ने कहा, ”पिछले कुछ महीनों में उच्च न्यायालय ने उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त निगरानी समिति की सिफारिशों का पालन करने में गंभीर ढिलाई के लिए भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग को फटकार लगाई है।’’

खान ने दावा किया कि गैस पीड़ित मरीजों के कम्प्यूटरीकृत पंजीकरण, इलाज के प्रोटोकॉल और देखभाल की गुणवत्ता में बहुप्रतीक्षित सुधार करने के बजाय, सम्बन्धित अधिकारी न्यायिक प्रतिबंधों से बचने की कोशिश कर रहे हैं।”

पत्रकार वार्ता में भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ की रशीदा बी, भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा की नसरीन बी, भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के बालकृष्ण नामदेव मौजूद थे।

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First Published - November 30, 2023 | 9:26 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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