facebookmetapixel
Nifty outlook: निफ्टी में दिख रहे हैं तेजी के संकेत, एक्सपर्ट्स बोले- रुझान बदल रहा हैVedanta Share: 8% गिरावट के बावजूद ब्रोकरेज का भरोसा कायम, ₹900 तक का टारगेट; मोटे डिविडेंड की उम्मीदGold, Silver Price Today: मुनाफावसूली से सोने-चांदी के भाव औंधे मुंह गिरे, आगे क्या करें निवेशक?Stocks to Watch today: Tata Motors CV से लेकर Swiggy, ITC और Paytm तक; शुक्रवार को इन स्टॉक्स पर रखें नजरStock Market Update: बजट से पहले शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 400 अंक टूटा; मेटल इंडेक्स 4% गिरा₹6,450 लागत में ₹8,550 कमाने का मौका? Bank Nifty पर एक्सपर्ट ने सुझाई बुल स्प्रेड स्ट्रैटेजीपर्सनल केयर सेक्टर की कंपनी देगी 4:1 के अनुपात में बोनस शेयर, Q3 में मुनाफा और रेवेन्यू में जोरदार बढ़तक्या MRF फिर देगी डिविडेंड? बोर्ड मीटिंग की तारीख नोट कर लेंचांदी की ऐतिहासिक छलांग: 10 दिन में 1 लाख की बढ़त के साथ 4 लाख रुपये के पार पहुंचा भावडॉलर के मुकाबले रुपया 92 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर, वैश्विक अस्थिरता ने बढ़ाया मुद्रा पर दबाव

विधायकों की अयोग्यता पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही निर्णय लें चुनाव आयोग : उद्धव ठाकरे

Last Updated- February 08, 2023 | 8:16 PM IST
Uddhav Thackeray

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग से अपील की है कि वह 14 फऱवरी को उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद ही पार्टी के धनुष-तीन चुनाव चिन्ह पर अपना निर्णय दें।

उन्होने विश्वास जताया कि अदालत की अगली सुनवाई में अदालत 16 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।

उद्धव ठाकरे ने बुधवार को संवाददाताओं से बात करते हुए चुनाव आयोग से पार्टी के विभाजन के बाद चुनाव चिन्ह पर अपना फैसला सुनाने का आह्वान किया।

ठाकरे ने सवाल किया गया कि निर्वाचन आयोग ने शिवसेना के नाम और उसके धनुष और तीर के चिह्न पर रोक क्यों लगा दी, जबकि प्रतिद्वंद्वी एकनाथ शिंदे गुट ने अभी तक इसका इस्तेमाल नहीं किया है।

ठाकरे ने अफसोस जताते हुए कहा कि कैसे आजकल कोई भी धन बल का उपयोग करके पीएम या सीएम बन सकता है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली असंवैधानिक राज्य सरकार लंबे समय तक नहीं चलेगी और बहुत जल्द गिर जाएगी। महाराष्ट्र के लोग जानते हैं कि यह सरकार कैसे चलाई जा रही है। यह असंवैधानिक सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी। यह बहुत जल्द गिर जाएगी।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में कुछ विधायकों के बागी हो जाने के बाद शिवसेना पिछले साल दो गुटों में बंट गई थी। इसके बाद शिंदे के गुट और उद्धव के गुट ने पार्टी के नाम और उसके चिह्न पर अपना दावा पेश करने की कोशिश की थी।

First Published - February 8, 2023 | 8:05 PM IST

संबंधित पोस्ट