प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
अविभाजित शिवसेना के लगभग तीन दशक का प्रभुत्व खत्म करते हुए भाजपा शुक्रवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। इसके अलावा पुणे में भी उसने शानदार जीत हासिल की, जहां उसने शरद पवार और अजित पवार के नेतृत्व वाले राकांपा गुटों के गठबंधन को शिकस्त दी। भाजपा के ‘मिशन मुंबई’ की सफलता ने अब इसे देश की वित्तीय राजधानी में प्रमुख राजनीतिक ताकत के रूप में मजबूती से स्थापित कर दिया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने शाम को दक्षिण मुंबई में उत्साहित पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन 29 में से 25 नगर निगमों में सत्ता संभालने के लिए तैयार है। महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव 15 जनवरी को हुए थे। भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन 227 सदस्यीय बीएमसी में देर शाम तक 114 सीटों के बहुमत के आंकड़े को पार करने के लिए तैयार था।
यह देश का सबसे अमीर नागरिक निकाय है, जिसका 2025-26 का बजट 74,427 करोड़ रुपये का है। यहां 54.77 प्रतिशत मतदान हुआ था। राज्य चुनाव आयोग ने अभी तक सभी परिणामों पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। एक अधिकारी ने अंतिम परिणाम देर रात तक घोषित किए जाने की बात कही।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने भी यहां ठीक-ठाक प्रदर्शन किया है। इसके साथ मिलकर भाजपा बीएमसी पर शासन करने के लिए तैयारी कर रही है। वर्षों से बीएमसी को ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का अजेय किला माना जाता था। इस प्रतिष्ठित निकाय में जीत के लिए ठाकरे बंधुओं (उद्धव और राज) ने हाथ मिलाया था, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
पुणे और पड़ोसी पिंपरी-चिंचवड नगर निगम चुनावों में भाजपा अपने प्रतिद्वंद्वि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और राकांपा (एसपी) गठबंधन से काफी आगे है। नतीजों से उत्साहित फडणवीस ने कहा, ‘हिंदुत्व हमेशा से हमारी आत्मा रही है, कोई भी हमारे हिंदुत्व को विकास से अलग नहीं कर सकता है।’
मुख्यमंत्री फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के गृह क्षेत्र नागपुर में भी भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि यहां आक्रामक अभियान के बावजूद कांग्रेस अपनी मजबूत पैठ बनाने में नाकाम रही। कांग्रेस, जिसने वंचित बहुजन आघाडी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा, ने लातूर नगर निगम के चुनाव जीते, जहां 70 सदस्यीय निकाय में उसे 40 से अधिक सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत मिला। भाजपा यहां दूसरे स्थान पर है।