facebookmetapixel
गिरा तो खरीदो! एक्सपर्ट बोले- सोने की चमक और तेज होगी, ₹2.3 लाख तक जा सकता है भावShadowfax IPO को अप्लाई करने का आखिरी मौका, दांव लगाए या नहीं? ग्रे मार्केट यह दे रहा इशारा52% चढ़ सकता है, Eternal के शेयर पर ब्रोकरेज का बड़ा अपडेट; Q3 में 73% उछल गया मुनाफाGold and Silver Price Today: सोने की कीमतों में नरमी, चांदी में बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआतरूस से दूरी, पश्चिम एशिया से नजदीकी: भारतीय तेल आयात में बड़ा बदलावबैंकों का भरोसा बढ़ा, वाणिज्यिक क्षेत्र में रिकॉर्ड निवेशअगली पीढ़ी की वायु शक्ति के लिए रणनीतिक साझेदारी का सही समय: वायु सेना प्रमुखNRI धन में तेज गिरावट, क्या रुपये की चिंता वजह है?भारत की वित्तीय ताकत बढ़ी! RBI के आंकड़ों ने दिखाई बड़ी तस्वीरभारत की ग्रोथ स्टोरी को रफ्तार दे रहे 40 वर्ष से कम उम्र के उद्यमी, 31 लाख करोड़ रुपये के उद्यमों की कमान

भारत का रक्षा निर्यात ₹25,000 करोड़ पर पहुंचा, 2029 तक ₹50,000 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य: राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने HAL में तेजस Mk1A के लिए तीसरी प्रोडक्शन लाइन और HTT-40 विमान के लिए दूसरी प्रोडक्शन लाइन का किया उद्घाटन

Last Updated- October 17, 2025 | 6:18 PM IST
Rajnath Singh
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह | फाइल फोटो

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को देश की रक्षा ताकत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 25,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो कुछ साल पहले तक महज 1,000 करोड़ रुपये से भी कम था। इतना ही नहीं, सरकार ने अब 2029 तक घरेलू रक्षा उत्पादन को 3 लाख करोड़ और रक्षा निर्यात को 50,000 करोड़ रुपये तक ले जाने का बड़ा लक्ष्य रखा है।

रक्षा मंत्रालय ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस उपलब्धि को शेयर करते हुए लिखा, “हमारा रक्षा निर्यात, जो पहले 1,000 करोड़ से भी कम था, अब 25,000 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड स्तर छू चुका है। अब हमने 2029 तक 3 लाख करोड़ के घरेलू रक्षा उत्पादन और 50,000 करोड़ के निर्यात का लक्ष्य रखा है।”

Also Read: ब्राजील के उपराष्ट्रपति ने रक्षा मंत्री राजनाथ के साथ की बैठक, कल होगी मंत्रिस्तरीय व्यापार बैठक

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स को मिली नई सौगात

इसी दिन, राजनाथ सिंह ने नासिक में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के कैंपस का दौरा किया। यहां उन्होंने तेजस एमके1ए की पहली उड़ान देखी और दो नई प्रोडक्शन लाइनों का उद्घाटन किया। तेजस एमके1ए के लिए तीसरी और HTT-40 विमान के लिए दूसरी प्रोडक्शन लाइन शुरू की गई। इस मौके पर उन्होंने कहा, “नासिक की धरती ऐतिहासिक है। यहां भगवान शिव त्र्यंबकेश्वर के रूप में विराजमान हैं। यह धरती न सिर्फ आस्था की, बल्कि अब आत्मनिर्भरता की भी प्रतीक बन चुकी है।”

सिंह ने नासिक के HAL कैंपस की तारीफ करते हुए कहा कि पहले यह मिग विमानों के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यह सुखोई जैसे आधुनिक जेट्स का प्रोडक्शन सेंटर बन गया है। उन्होंने कहा कि तेजस एमके1ए, सुखोई-30 और HTT-40 की उड़ान देश के लिए गर्व का विषय है और यह आत्मनिर्भर भारत का सशक्त उदाहरण है।

बता दें कि तेजस एमके1ए एक 4.5 पीढ़ी का मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जो हवा से हवा में मार, जमीनी हमले और समुद्री मिशनों में सक्षम है। इसमें उन्नत एवियोनिक्स और हवा में ईंधन भरने की खासियत है। सिंह ने कहा, “इस कैंपस में भगवान शिव का तेज दिखता है- एक तरफ डिफेंस प्रोडक्शन की ताकत, दूसरी तरफ दुश्मनों को नेस्तनाबूद करने की शक्ति।”

First Published - October 17, 2025 | 6:05 PM IST

संबंधित पोस्ट