facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

ब्राजील के उपराष्ट्रपति ने रक्षा मंत्री राजनाथ के साथ की बैठक, कल होगी मंत्रिस्तरीय व्यापार बैठक

Advertisement

दोनों देश जुलाई से ही द्विपक्षीय व्यापार को 2024-25 के 12.20 अरब डॉलर से बढ़ाकर अगले पांच सालों में 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं

Last Updated- October 15, 2025 | 10:44 PM IST
Rajnath singh and Geraldo Alckmin
ब्राजील के उपराष्ट्रपति ने रक्षा मंत्री राजनाथ के साथ की बैठक

ब्राजील के उपराष्ट्रपति तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री जेराल्डो एल्कमिन बुधवार को तीन दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचे। वह वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ पहली ‘व्यापार मंत्री स्तरीय समीक्षा’ बैठक में हिस्सा लेंगे। भारत और ब्राजील उन देशों में शामिल हैं जो अमेरिका द्वारा थोपी गई शुल्क वृद्धि से सबसे अधिक प्रभावित हैं। दोनों देश जुलाई से ही द्विपक्षीय व्यापार को 2024-25 के 12.20 अरब डॉलर से बढ़ाकर अगले पांच सालों में 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं।

एल्कमिन की यह यात्रा 2026 के आरंभ में ब्राजीली राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा तथा एक बड़े कारोबारी प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा की पृष्ठभूमि भी तैयार करेगी। एल्कमिन के साथ कई कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और एक कारोबारी प्रतिनिधिमंडल होगा जो गुरुवार को गोयल के साथ बैठक में शामिल होगा।

प्रतिनिधिमंडल में तेल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी पेट्रोब्रास, खनन कंपनी वाले एसए और खाद्य प्रसंस्करण कंपनी बीआरएफ एसए शामिल हैं। दोनों देश मर्कोसर-भारत प्राथमिता व्यापार समझौते के विस्तार पर भी चर्चा करेंगे। एल्कमिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी से भी भेंट करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक एल्कमिन के भारत-ब्राजील बिजनेस फोरम की बैठक में शामिल होने की भी उम्मीद है।

तीन अक्टूबर को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ब्राजील के अपने समकक्ष सेल्सो लुइस नुनेस एमोरिम के साथ नई दिल्ली में एक बैठक की। एमोरिम लूला के विशेष सलाहकार हैं। गत सप्ताह ब्राजील का एक व्यापार प्रतिनिधिमंडल भी भारत में था। ब्राजील दक्षिण अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है। जुलाई में ब्राजीलिया में मोदी और लूला के बीच यह सहमति बनी थी कि द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए एक मंत्रीस्तरीय समीक्षा व्यवस्था बनाई जाए और अगले पांच साल में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर करने का लक्ष्य तय किया जाए।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि एल्कमिन की यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश की समीक्षा के अवसर के साथ-साथ नए प्राथमिकता क्षेत्रों की पहचान करने, व्यापार लक्ष्य हासिल करने का खाका तय करने और बहुकोणीय रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने में सहायक होगी।

व्हाइट हाउस ने भारत और ब्राजील दोनों पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है। अगस्त में भारत पर रूसी तेल की खरीद के कारण अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाया गया, जबकि ब्राजील पर यह अतिरिक्त शुल्क पूर्व राष्ट्रपति जैर बोल्सोनारो के खिलाफ अभियोजन की वजह से लगाया गया, जो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगी माने जाते हैं।

मोदी जुलाई में जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रियो डी जेनेरियो गए थे, और बाद में द्विपक्षीय शिखर बैठक के लिए ब्राजीलिया भी पहुंचे। वहां ब्राजील सरकार ने उनका भव्य स्वागत किया और राष्ट्रपति लूला ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में दोपहर भोज पर आमंत्रित किया। भारत और ब्राजील दोनों ही ब्रिक्स समूह के संस्थापक सदस्य हैं।

एक संबद्ध घटनाक्रम में, मंगलवार को अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिली के साथ द्विपक्षीय बैठक में, ट्रंप ने ब्रिक्स समूह को अमेरिकी डॉलर पर ‘हमला’ बताया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने उस समूह में शामिल होने की कोशिश कर रहे देशों को शुल्क लगाने की धमकी दी थी, जिसके बाद ‘सभी ने पीछे हटने का फैसला किया।‘ पीटीआई के मुताबिक ट्रंप ने कहा कि वे डॉलर को लेकर ‘बहुत सख्त’ हैं और यह भी जोड़ा कि ‘जो कोई डॉलर में लेन-देन करना चाहता है’ उसे उन लोगों की तुलना में ‘फायदा’ मिलेगा जो ऐसा नहीं करते।

Advertisement
First Published - October 15, 2025 | 10:34 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement