facebookmetapixel
42% चढ़ सकता है महारत्न कंपनी का शेयर, ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट; Q3 में ₹4011 करोड़ का हुआ मुनाफाईरान की ओर बढ़ रहा है ‘विशाल सैन्य बेड़ा’, ट्रंप ने तेहरान को फिर दी चेतावनीदुनिया में उथल-पुथल के बीच भारत की अर्थव्यवस्था के क्या हाल हैं? रिपोर्ट में बड़ा संकेत30% टूट चुका Realty Stock बदलेगा करवट, 8 ब्रोकरेज का दावा – ₹1,000 के जाएगा पार; कर्ज फ्री हुई कंपनीसिर्फ शेयरों में पैसा लगाया? HDFC MF की रिपोर्ट दे रही है चेतावनीIndia manufacturing PMI: जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूतसोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पार

भारत के प्रमुख शहरों में परिवारों की आर्थिक स्थिति पर उम्मीदें धूमिलः RBI सर्वे

रोजगार की मौजूदा स्थिति और खुद की आमदनी को लेकर धारणा लगातार दूसरे सर्वे में कम हुई है। इन दोनों मानदंडों के लिए दृष्टिकोण आशावादी दायरे में रहा है।

Last Updated- August 08, 2024 | 11:03 PM IST
RBi

भारत के प्रमुख शहरों में रहने वाले परिवार आने वाले साल में आर्थिक स्थिति को लेकर कम आशावादी नजर आ रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के उपभोक्ता आत्मविश्वास सर्वे (सीसीएस) के मुताबिक सामान्य आर्थिक स्थिति, रोजगार और कीमतों को लेकर कम आशावादिता के कारण जुलाई 2024 में फ्यूचर एक्सपेक्टेशन इंडेक्स (एफईआई) 4.1 प्रतिशत कमजोर होकर 120.7 पर आ गया है, जो मई 2024 में 124.8 था।

रोजगार की मौजूदा स्थिति और खुद की आमदनी को लेकर धारणा लगातार दूसरे सर्वे में कम हुई है। इन दोनों मानदंडों के लिए दृष्टिकोण आशावादी दायरे में रहा है। इस सर्वे में परिवारों की मौजूदा अवधारणा और आर्थिक स्थिति को लेकर एक साल आगे की अपेक्षाओं, रोजगार के परिदृश्य, कुल मिलाकर कीमतों की स्थिति, खुद की आमदनी और खर्च को लेकर देश के 19 प्रमुख शहरों में आंकड़े एकत्र किए गए हैं।

रिजर्व बैंक ने ताजा सर्वे 2 जुलाई से 11 जुलाई 2024 के बीच कराया है, जिसमें 6,062 लोगों ने जवाब दिया। रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा है कि सर्वे में शामिल महिलाओं की हिस्सेदारी 54.4 प्रतिशत थी। मौजूदा अवधि के लिए उपभोक्ताओं का भरोसा लगातार दूसरे सर्वे में कम हुआ है। यह कोविड के बाद की अवधि में लगातार बढ़ रहा था।

व्यय को छोड़कर अन्य प्रमुख मानदंडों में उनकी धारणा कमजोर हुई है। रिजर्व बैंक ने कहा है कि इसकी वजह से करेंट सिचुएशन इंडेक्स (सीएसआई) जुलाई 2024 में गिरकर 93.9 पर पहुंच गया, जो दो महीने पहले 97.1 पर था।

रिजर्व बैंक के घरेलू मुद्रास्फीति प्रत्याशा सर्वे से संकेत मिलते हैं कि मई 2024 के सर्वे के दौर की तुलना में परिवारों का एक बड़ा हिस्सा सामान्य कीमतों और महंगाई दर में वृद्धि की उम्मीद कर रहा है। विभिन्न उत्पाद समूहों में मामूली रूप से उच्च कीमत और महंगाई का दबाव देखा गया है। सर्वे में कहा गया है कि आगामी एक वर्ष के लिए महंगाई की उम्मीदें खाद्य कीमतों, आवास और सेवाओं की लागत से बहुत नजदीक से जुड़ी हुई हैं।

First Published - August 8, 2024 | 11:03 PM IST

संबंधित पोस्ट