facebookmetapixel
AI में 33% बढ़ी नौकरियां, सरकार हर स्तर पर कर रही काम; 10 लाख युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग: वैष्णवडिकंट्रोल से लाभ: प्रतिबंध हटाने से देश को मिलेंगे बड़े फायदेEditorial: प्रगति प्लेटफॉर्म से इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार, रुकी परियोजनाओं को मिली गतिवेनेजुएला संकट का भारतीय IT कंपनियों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, कारोबार रहेगा स्थिरउत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में बड़ी छंटनी, SIR में करीब तीन करोड़ लोगों के नाम कटेबांग्लादेश में छात्र नेता की हत्या पर उबाल, भारतीयों के ‘वर्क परमिट’ रद्द करने की मांगकई राज्यों में दूषित पानी से सेहत पर संकट, देशभर में बढ़ रहा जल प्रदूषण का खतरानए हवाई अड्डों से होटल उद्योग को मिलेगी रफ्तार, नवी मुंबई और नोएडा बने नए हॉस्पिटैलिटी हबगांवों में कार बिक्री ने शहरों को पछाड़ा, 2025 में ग्रामीण बाजार बना ऑटो सेक्टर की ताकतटाटा स्टील, JSW और SAIL पर सांठगांठ कर कीमत तय करने का मामला, CCI जांच में खुलासा

गन्ना मजदूरों के भुगतान पर सरकार पर की पैनी नजर

चीनी मिलों की तरफ से भुगतान भी समय पर किया जा रहा है लेकिन चीनी मिलों की तरफ से भुगतान किये जाने के बावजूद मजदूरों और गन्ना ढुलाई में लगे किसान मजदूरों को भुगतान न होने की खबरें आ रही है

Last Updated- December 29, 2022 | 8:36 PM IST
Sugarcane
Creative Commons license

महाराष्ट्र में चालू पेराई सीजन तेजी से चल रहा है। चीनी मिलों की तरफ से भुगतान भी समय पर किया जा रहा है लेकिन चीनी मिलों की तरफ से भुगतान किये जाने के बावजूद मजदूरों और गन्ना ढुलाई में लगे किसान मजदूरों को भुगतान न होने की खबरें आ रही है। इससे निपटने के लिए महाराष्ट्र सरकार तकनीक का सहारा लेगी। जिससे ठेकेदारों की मनमानी पर नकेल कसी जा सकेगी।

चालू चीनी सीजन में गन्ने की पेराई कर रही राज्य की करीब 189 चीनी मिलों ने किसानों को उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) का 82 फीसदी भुगतान किया है। इसके बावजूद गन्ना मजदूरों को भुगतान नहीं मिलने की खबरें आ रही हैं। विपक्ष के नेता अजित पवार ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सुपरवाइजर-ठेकेदार एडवांस पैसा लेकर बिना काम के भाग जाते हैं। इसे रोकने के लिए गोपीनाथ मुंडे गन्ना श्रमिक कल्याण निगम के माध्यम से एक तंत्र बनाया जाना चाहिए।

गन्ना किसानों के मामले पर जवाब देते हुए सहकारिता मंत्री अतुल सावे ने कहा कि सरकार चीनी मिलों, गन्ना श्रमिकों और गन्ना ट्रांसपोर्टरों को धोखा देने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक तंत्र बनाएगी। जिसके द्वारा गन्ना श्रमिकों का भुगतान सुनिश्चित होगा। महाराष्ट्र में पेराई सीजन तेजी से चल रहा है और साथ ही साथ चीनी मिलें भुगतान भी समय पर कर रही है। किसानों और मजदूरों के भुगतान पर सरकार की नजर है, किसी भी तरह की धोखाधड़ी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

चीनी आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में पेराई कर रही मिलों ने 15 दिसंबर तक 236.69 लाख टन गन्ने की पेराई की है और 7,407.20 करोड़ रुपये FRP देना था। इसमें से किसानों को 6,075.23 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है। 69 मिलों ने 100 फीसदी FRP का भुगतान किया है, जबकि 21 मिलों ने 80 से 99 फीसदी के बीच FRP का भुगतान किया है।

यह भी पढ़ें: उत्पादन प्रभावित होने के बीच मांग बढ़ने से गुड़ महंगा

चालू सीजन में देश में कुल 4.10 करोड़ टन चीनी का उत्पादन का अनुमान है जिसमें 45 लाख टन चीनी की जगह एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा यानी चीनी का वास्तविक कुल उत्पादन 3.65 करोड़ टन होने का अनुमान है। अभी तक देश में 82 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है। जिसमें से महाराष्ट्र में 33 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 20.3 लाख टन और कर्नाटक में 18.9 लाख टन का उत्पादन किया गया है। देश में गन्ना पेराई सीजन एक अक्टूबर से शुरू होता है।

First Published - December 29, 2022 | 8:36 PM IST

संबंधित पोस्ट