facebookmetapixel
Budget decoded: सरकार की योजना आपके परिवार की आर्थिक स्थिति को कैसे प्रभावित करती है?गणतंत्र दिवस पर दिखी भारत की सॉफ्ट पावर, विदेशी धरती पर प्रवासी भारतीयों ने शान से फहराया तिरंगाIndia-EU FTA पर मुहर की तैयारी: कपड़ा, जूते-चप्पल, कार और वाइन पर शुल्क कटौती की संभावनाBudget 2026 से इंश्योरेंस सेक्टर को टैक्स में राहत की उम्मीद, पॉलिसीधारकों को मिल सकता है सीधा फायदा!Budget 2026 से बड़ी उम्मीदें: टैक्स, सीमा शुल्क नियमें में सुधार और विकास को रफ्तार देने पर फोकसको-ओनर होने पर ही को-बॉरोअर को होम लोन पर कटौती का फायदाEU ट्रेड डील से तिरुपुर को बड़ी राहत, परिधान निर्यात में बांग्लादेश से आगे निकलने की उम्मीदजमा वृद्धि की सुस्ती से बैंक सीडी बाजार पर ज्यादा निर्भर, जुटाए 5.75 लाख करोड़ रुपयेड्रोन, रोबोट्स, रॉकेट लॉन्चर से लेकर हाइपरसोनिक मिसाइल तक, गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सेना की नई ताकतAxis Bank Q3 Results: मुनाफा बढ़कर ₹6,490 करोड़ पर पहुंचा, आय में 4.3% की बढ़ोतरी

गन्ना मजदूरों के भुगतान पर सरकार पर की पैनी नजर

चीनी मिलों की तरफ से भुगतान भी समय पर किया जा रहा है लेकिन चीनी मिलों की तरफ से भुगतान किये जाने के बावजूद मजदूरों और गन्ना ढुलाई में लगे किसान मजदूरों को भुगतान न होने की खबरें आ रही है

Last Updated- December 29, 2022 | 8:36 PM IST
Sugarcane
Creative Commons license

महाराष्ट्र में चालू पेराई सीजन तेजी से चल रहा है। चीनी मिलों की तरफ से भुगतान भी समय पर किया जा रहा है लेकिन चीनी मिलों की तरफ से भुगतान किये जाने के बावजूद मजदूरों और गन्ना ढुलाई में लगे किसान मजदूरों को भुगतान न होने की खबरें आ रही है। इससे निपटने के लिए महाराष्ट्र सरकार तकनीक का सहारा लेगी। जिससे ठेकेदारों की मनमानी पर नकेल कसी जा सकेगी।

चालू चीनी सीजन में गन्ने की पेराई कर रही राज्य की करीब 189 चीनी मिलों ने किसानों को उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) का 82 फीसदी भुगतान किया है। इसके बावजूद गन्ना मजदूरों को भुगतान नहीं मिलने की खबरें आ रही हैं। विपक्ष के नेता अजित पवार ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सुपरवाइजर-ठेकेदार एडवांस पैसा लेकर बिना काम के भाग जाते हैं। इसे रोकने के लिए गोपीनाथ मुंडे गन्ना श्रमिक कल्याण निगम के माध्यम से एक तंत्र बनाया जाना चाहिए।

गन्ना किसानों के मामले पर जवाब देते हुए सहकारिता मंत्री अतुल सावे ने कहा कि सरकार चीनी मिलों, गन्ना श्रमिकों और गन्ना ट्रांसपोर्टरों को धोखा देने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक तंत्र बनाएगी। जिसके द्वारा गन्ना श्रमिकों का भुगतान सुनिश्चित होगा। महाराष्ट्र में पेराई सीजन तेजी से चल रहा है और साथ ही साथ चीनी मिलें भुगतान भी समय पर कर रही है। किसानों और मजदूरों के भुगतान पर सरकार की नजर है, किसी भी तरह की धोखाधड़ी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

चीनी आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में पेराई कर रही मिलों ने 15 दिसंबर तक 236.69 लाख टन गन्ने की पेराई की है और 7,407.20 करोड़ रुपये FRP देना था। इसमें से किसानों को 6,075.23 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है। 69 मिलों ने 100 फीसदी FRP का भुगतान किया है, जबकि 21 मिलों ने 80 से 99 फीसदी के बीच FRP का भुगतान किया है।

यह भी पढ़ें: उत्पादन प्रभावित होने के बीच मांग बढ़ने से गुड़ महंगा

चालू सीजन में देश में कुल 4.10 करोड़ टन चीनी का उत्पादन का अनुमान है जिसमें 45 लाख टन चीनी की जगह एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा यानी चीनी का वास्तविक कुल उत्पादन 3.65 करोड़ टन होने का अनुमान है। अभी तक देश में 82 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है। जिसमें से महाराष्ट्र में 33 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 20.3 लाख टन और कर्नाटक में 18.9 लाख टन का उत्पादन किया गया है। देश में गन्ना पेराई सीजन एक अक्टूबर से शुरू होता है।

First Published - December 29, 2022 | 8:36 PM IST

संबंधित पोस्ट