facebookmetapixel
Artemis 2 Mission: 1972 के बाद पहली बार फरवरी में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगेBMC Election 2026: जीत के बाद भाजपा के सामने शहर का नए सिरे से विकास और निवेश की चुनौती‘स्वामित्व योजना’ के तहत 3 लाख से अधिक गांवों का ड्रोन से हुआ सर्वे, 1.5 लाख गांवों में कार्ड भी वितरितनिजी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में केरल देश में अव्वल, चारपहिया सेगमेंट में भी बढ़तBudget 2026 से पहले नॉमिनल GDP ग्रोथ को रफ्तार, 10.5 फीसदी तक रहने का अनुमानअब एक ही मासिक स्टेटमेंट में दिखेगा फाइनेंस का पूरा हिसाब-किताब, SEBI-RBI करने जा रही बड़ी पहलJIO की लिस्टिंग और रिटेल कारोबार की तेज रफ्तार से रिलायंस की ग्रोथ को मिलेगा नया बूस्टस्मॉलकैप फंडों ने माइक्रोकैप शेयरों से बनाई दूरी, निवेश 2 फीसदी पर सिमटा; वेंचुरा की स्टडी में खुलासाCII सर्वे: उद्योगों का भरोसा पांच तिमाही के उच्च स्तर पर, मांग और निवेश को मिला बलविश्व आर्थिक मंच की 56वीं वार्षिक बैठक में चमकेगी भारत की विकास गाथा, दुनिया देखेगी ग्रोथ इंजन का दम

EPFO के बाहर हजारों पेंशनधारकों का विरोध प्रदर्शन, न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये मासिक करने की मांग की

यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की बैठक थी

Last Updated- October 13, 2025 | 8:00 PM IST
Pension
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की पेंशन योजना में आने वाने पेंशधारकों ने सोमवार को न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये मासिक किये जाने समेत अन्य मांगों को लेकर यहां विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों और पेंशनधारकों की पेंशन बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन चला रही EPS-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति (NAC) ने सोमवार को बयान में कहा कि हजारों पेंशनधारकों ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में EPFO के मुख्यालय के बाहर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया।

पेंशनधारक महंगाई भत्ते के साथ मूल पेंशन 7,500 रुपये मासिक करने, स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने समेत अन्य मांग कर रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की बैठक थी।

Also Read: EPFO ने कर्मचारियों को दी खुशखबरी! 100% निकासी की मिली मंजूरी, अब आसानी से बचत के पैसे निकाल सकेंगे

कई राज्यों के पेंशनधारक हुए शामिल

EPS 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और कई अन्य राज्यों के पेंशनधारक शामिल हुए। समिति के अध्यक्ष अशोक राउत ने कहा कि उच्चतम न्यायालय इस संबंध में अपना फैसला सुना चुका है। फिर भी लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए न्याय अभी भी पहुंच से बाहर है।

उन्होंने कहा, ‘‘जिन लोगों ने जीवनभर देश की सेवा की, वे आज गुजर-बसर के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हम प्रधानमंत्री से अपील करते हैं कि वे हस्तक्षेप करें और पेंशन प्रणाली में गरिमा और निष्पक्षता बहाल करें।’’ समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा और आने वाले महीनों में राज्यों की राजधानियों और क्षेत्रीय EPFO कार्यालयों में भी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

First Published - October 13, 2025 | 8:00 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट