facebookmetapixel
Advertisement
Swiggy Q1FY27 Results: स्विगी का घाटा 34% घटा, क्विक-कॉमर्स रेवेन्यू में 53% का जोरदार उछालHyundai Motor India Q1 result: खर्च बढ़ने से मुनाफा 35% घटा, डिविडेंड के लिए तय की रिकॉर्ड डेटग्लोबल कमोडिटी बाजार में ‘प्राइस टेकर’ से ‘प्राइस सेटर’ बनने की राह पर भारतफेड के ब्याज दरें न बढ़ाने के फैसले के बाद सोना-चांदी में क्या करें? एक्सपर्ट्स से जानें आगे निवेश की रणनीतिBajaj Finance Q1FY27 results: मुनाफा 27.4% बढ़कर ₹5,986 करोड़; AUM में 23.9% की बढ़ोतरीVedanta Q1FY27 results: कमजोर रुपये और महंगी धातुओं से मुनाफा 72% उछला, ₹5,473 करोड़ पहुंचाGold Demand: पीएम मोदी की अपील और महंगे सोने का असर, मांग 6% घटी; पर बरकरार रहा निवेशकों का भरोसा5paisa Capital खरीदेगी Trendlyne: ₹207 करोड़ में हुई डील, बनेगा देश का पहला AI-फर्स्ट ब्रोकरM&M Q1 Results: दमदार नतीजों से शेयर में आई तेजी, दिन के निचले स्तर से 4% से ज्यादा उछला स्टॉकआधार, पैन या पासपोर्ट गुम होने पर क्या करें? नया डॉक्यूमेंट पाने का आसान तरीका

E-Waste Handling: दिल्ली में इलेक्ट्रॉनिक कचरे को अब नहीं मिलेगी व्हाइट कैटेगरी के तहत पर्यावरण अनुमति

Advertisement
Last Updated- March 17, 2023 | 5:30 PM IST
E-Waste Handling: Electronic waste in Delhi will no longer get environment clearance under white category
BS

दिल्ली सरकार अब ई-वेस्ट संग्रहण करने वालों को व्हाइट कैटेगरी के तहत पर्यावरण अनुमति नहीं देगी। सरकार ने व्हाइट कैटेगरी के तहत ई-वेस्ट हैंडलिंग को शून्य घोषित कर दिया है। इसके साथ ही अब तक व्हाइट श्रेणी के तहत ई-वेस्ट के संग्रहण करने वालों को दी गई अनुमति को भी रद्द कर दिया गया
है।

दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि उद्योगों को रेड, ग्रीन, ऑरेंज और व्हाइट कैटेगरी में बांटा गया है। व्हाइट श्रेणी के तहत उद्योग लगाने और चलाने की अनुमति के लिए आवेदन की प्रक्रिया बहुत ही सरल है। उद्यमियों को सिर्फ लिखित में यह देना होता है कि वह व्हाइट कैटेगरी के तहत आने वाले उद्योग से जुड़े हैं। इसी लिखित पत्र के आधार पर उद्यमियों को स्वत: दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति से जरूरी अनुमति मिल जाती है।

व्हाइट कैटेगरी में प्रदूषण रहित उद्योग आते हैं। अब तक दिल्ली में ई-वेस्ट हैंडलिंग( Electrical व Electronics Equipments Collection, Segregation व Storage ) करने वाले उद्यमी व्हाइट कैटेगरी के तहत आवेदन कर DPCC से इस काम करने की अनुमति ले रहे थे। लेकिन अब DPCC ने ई-वेस्ट को व्हाइट कैटेगरी के तहत null and void घोषित कर दिया है। जिससे अब किसी भी ई-वेस्ट संग्रहणकर्ता को व्हाइट कैटेगरी के तहत अनुमति नहीं दी जाएगी।

जिनको अनुमति मिली है, वह भी रद्द होगी

DPCC ई-वेस्ट हैंडलिंग करने वाले उद्यमियों को अब व्हाइट कैटेगरी के तहत अनुमति नहीं देगा। साथ ही जिन ई-वेस्ट संग्रहकर्ताओं को व्हाइट श्रेणी के तहत अनुमति मिली है, उसे भी रद्द माना जाएगा। ई-वेस्ट को किसी दूसरी कैटेगरी में शामिल किया जाएगा। इसके ऑरेंज कैटेगरी में शामिल होने की संभावना ज्यादा है। इस कैटेगरी में शामिल होने पर DPCC अनुमति लेने के लिए पूरी कागजी प्रक्रिया पूरी करनी पडे़गी और इसका निर्धारित अवधि के बाद नवीनीकरण भी कराना होगा।

Advertisement
First Published - March 17, 2023 | 5:30 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement