facebookmetapixel
वेनेजुएला संकट: भारत के व्यापार व तेल आयात पर भू-राजनीतिक उथल-पुथल से फिलहाल कोई असर नहींसोमनाथ मंदिर: 1026 से 2026 तक 1000 वर्षों की अटूट आस्था और गौरव की गाथाT20 World Cup: भारत क्रिकेट खेलने नहीं आएगी बांग्लादेश की टीम, ICC से बाहर मैच कराने की मांगसमान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए1985–95 क्यों आज भी भारत का सबसे निर्णायक दशक माना जाता हैमनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बना, विकसित भारत-जी राम-जी मजदूरों के लिए बेहतर: शिवराज सिंह चौहानLNG मार्केट 2025 में उम्मीदों से रहा पीछे! चीन ने भरी उड़ान पर भारत में खुदरा बाजार अब भी सुस्त क्यों?उत्पाद शुल्क बढ़ते ही ITC पर ब्रोकरेज का हमला, शेयर डाउनग्रेड और कमाई अनुमान में भारी कटौतीमझोले और भारी वाहनों की बिक्री में लौटी रफ्तार, वर्षों की मंदी के बाद M&HCV सेक्टर में तेजीदक्षिण भारत के आसमान में नई उड़ान: अल हिंद से लेकर एयर केरल तक कई नई एयरलाइंस कतार में

इस साल देरी से आएगा दशहरी आम, खराब फसल के कारण कीमतों में हो सकता है इजाफा

मलिहाबाद के आम कारोबारी हकीम त्रिवेदी का कहना है कि दिल्ली में दशहरी की शुरुआती कीमत 80 से 100 रुपये रहने की संभावना है।

Last Updated- May 26, 2024 | 11:19 PM IST
dasheri mango

मौसम में उतार-चढ़ाव के चलते इस बार दशहरी आम (Dasheri Mango) की फसल लेट हो गई है। उत्तर प्रदेश के फल पट्टी क्षेत्र मलिहाबाद से दशहरी की पहली खेप रविवार को दिल्ली भेजी गयी है जबकि स्थानीय बाजारों में इसकी आवक जून के पहले सप्ताह में ही होगी।

मलिहाबाद के बागवानों का कहना है कि इस बार फरवरी-मार्च के महीने में कई बार हुयी बारिश, आंधी, तेज हवाओं के चलते फसल में देरी हुयी है। इसके चलते बौर भी देर में आए और दशहरी में तैयार हो रही है। पिछले साल के मुकाबले इस बार दशहरी की पैदावार भी कम है।

हालांकि अभी स्थानीय मंडी के लिए रेट तो नहीं खुले हैं पर माना जा रहा है कि इस बार दशहरी पिछले साल के मुकाबले मंहगी ही रहेगी।

मलिहाबाद के आम कारोबारी हकीम त्रिवेदी का कहना है कि दिल्ली में दशहरी की शुरुआती कीमत 80 से 100 रुपये रहने की संभावना है।

उनका कहना है कि बीते दो दिनों से दिल्ली के आर्डर पूरे करने के लिए दशहरी की खेप रवाना की गयी है। हालांकि अभी बहुत थोड़ा माल ही भेजा जा रहा है।

हकीम का कहना है कि इस समय मौसम के हिसाब से नौतपा चल रहा है। इन नौ दिनों में बेतहाशा गरमी पड़ती है और पाल की दशहरी को प्राकृतिक रूप से पकाने के लिए ये बेहतरीन समय होता है।

उनका कहना है कि बागों में कच्ची दशहरी उतारी जा रही है और अगले एक सप्ताह में पाल की दशहरी की तेज आवक स्थानीय मंडियों में शुरु हो जाएगी।

कई देशों में फलों के पौधों का कारोबार कर रहे काकोरी-मलिहाबाद की मशहूर नफीस नर्सरी के शबीहुल हसन का कहना है कि पहले के मुकाबले इस बार दशहरी महंगी जरूर रहेगी पर उसकी क्वालिटी बढ़िया है।

उनका कहना है कि आम तौर पर हर साल 15 मई से दशहरी दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों के लिए रवाना किया जाता था और मई के तीसरे सप्ताह तक लखनऊ की मंडियों में आ जाता था पर इस बार इसमें दस दिनों की देरी हो गयी है। शबीहुल बताते हैं कि पैदावार में भी पिछले साल के मुकाबले 25 से 30 फीसदी तक की कमी आयी है।

आम के थोक कारोबारी राजा तिवारी के मुताबिक पिछले साल करीब 1.5 लाख टन आम की पैदावार थी जो इस साल बामुश्किल एक लाख टन तक रहने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश के फल पट्टी क्षेत्र मलिहाबाद-काकोरी में करीब 30000 हेक्टेयर में आम के बागान हैं। इनमें से 80 फीसदी बागान दशहरी के हैं।

First Published - May 26, 2024 | 7:15 PM IST

संबंधित पोस्ट