facebookmetapixel
42% चढ़ सकता है महारत्न कंपनी का शेयर, ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट; Q3 में ₹4011 करोड़ का हुआ मुनाफाईरान की ओर बढ़ रहा है ‘विशाल सैन्य बेड़ा’, ट्रंप ने तेहरान को फिर दी चेतावनीदुनिया में उथल-पुथल के बीच भारत की अर्थव्यवस्था के क्या हाल हैं? रिपोर्ट में बड़ा संकेत30% टूट चुका Realty Stock बदलेगा करवट, 8 ब्रोकरेज का दावा – ₹1,000 के जाएगा पार; कर्ज फ्री हुई कंपनीसिर्फ शेयरों में पैसा लगाया? HDFC MF की रिपोर्ट दे रही है चेतावनीIndia manufacturing PMI: जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूतसोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पार

रूस पर बैन से भारत के हीरा कर्मचारियों की नौकरी पर लटकी तलवार, 10 लाख लोगों की नौकरी दांव पर

Last Updated- May 23, 2023 | 4:24 PM IST
Diamond Grading Company's IPO received 33.78 times applications till last day हीरा ग्रेडिंग कंपनी के आईपीओ को अंतिम दिन तक 33.78 गुना आवेदन मिले

गुजरात की डायमंड राजधानी सूरत में दस लाख हीरा कर्मचारियों के रोजगार पर काले बादल छा गए हैं। इसके पीछे की वजह G7 देशों ने रूस में खनन किए गए हीरों पर लगाए नए प्रतिबंध हैं। रूस के हीरों पर प्रतिबंध लगाने के G7 के ताजा फैसले ने सूरत में लगभग दस लाख हीरा श्रमिकों की नौकरी खतरे में डाल दी है।

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के 10 में से 9 हीरे भारत में तराशे और पॉलिश किए जाते हैं। भारतीय व्यापारी हीरा खनन कंपनी अलरोसा से रूस के हीरों का आयात करते हैं। यह वैश्विक कच्चे हीरे के उत्पादन का 30 प्रतिशत है।

पहले से ही मांग में गिरावट और वैश्विक आर्थिक मंदी से जूझ रहे सूरत के हीरा श्रमिकों के लिए रूसी हीरों पर प्रतिबंध एक बड़ा झटका है। प्रतिबंधों के कारण अपरिष्कृत (rough) हीरों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे हीरा व्यापारियों का काम भी प्रभावित हुआ है।

हालांकि, रिपोर्ट में जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के चेयरमैन विपुल शाह के हवाले से कहा गया है कि चूंकि वर्तमान में मांग कम है, इसलिए उद्योग कम आपूर्ति के साथ प्रबंधन करने में सक्षम है। उन्होंने कहा परेशानी तब आयेगी जब मांग में वृद्धि होगी।

बता दें कि हाल में जापान में हुई G7 की बैठक के बाद सात देशों के समूह ने एक बयान में कहा कि इसका उद्देश्य रूस द्वारा हीरे के निर्यात से उत्पन्न राजस्व को लक्षित करना है।

समूह ने कहा, “हम रूस में खनन, संसाधित या उत्पादित हीरों के व्यापार और उपयोग को प्रतिबंधित करने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।”

First Published - May 23, 2023 | 4:24 PM IST

संबंधित पोस्ट