facebookmetapixel
Advertisement
DA Hike: सरकार का बड़ा तोहफा! रेलवे कर्मचारियों और पेंशनर्स का DA बढ़ा, सैलरी में होगा सीधा असरस्मार्ट लाइटिंग से चमकेगा भारत! 2031 तक 24 अरब डॉलर पार करेगा स्मार्ट होम मार्केटकैबिनेट का बड़ा फैसला, नागपुर एयरपोर्ट बनेगा वर्ल्ड क्लास हब; यात्रियों को मिलेंगी नई सुविधाएंKharif MSP 2026: खरीफ फसलों की MSP में इजाफा, धान का समर्थन मूल्य ₹72 बढ़ाFMCG कंपनियों में निवेश का मौका, DSP म्युचुअल फंड के नए ETF की पूरी डीटेलUS-Iran War: चीन यात्रा से पहले ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, बोले- ‘डील करो वरना तबाही तय’Cabinet decisions: कोयले से गैस बनाएगी सरकार! ₹37,500 करोड़ की स्कीम से बदल सकती है देश की ऊर्जा तस्वीरहर महीने ₹30,000 करोड़ का नुकसान! आखिर कब तक पेट्रोल-डीजल के दाम रोक पाएगी सरकार?IT Sector Outlook: AI और क्लाउड से मिल रहा बड़ा काम, भारतीय IT कंपनियों के लिए बदल रही तस्वीरFuel Price Update: क्या बढ़ने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? RBI गवर्नर के बयान से बढ़ी चिंता

SBI ने MCLR दरों में बढ़ोतरी की, होम और ऑटो लोन होंगे महंगे

Advertisement

यह नई दरें 15 नवंबर से लागू हो गई हैं, जिससे तीन महीने, छह महीने और एक साल की अवधि के लोन महंगे हो जाएंगे।

Last Updated- November 15, 2024 | 7:04 PM IST
SBI

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने तीन प्रमुख अवधि के लिए MCLR में 5 बेसिस प्वाइंट्स (BPS) की बढ़ोतरी की है। यह नई दरें 15 नवंबर से लागू हो गई हैं, जिससे तीन महीने, छह महीने और एक साल की अवधि के लोन महंगे हो जाएंगे।

नई MCLR दरें

तीन महीने की MCLR: 8.50% से बढ़कर 8.55%।
छह महीने की MCLR: 8.85% से बढ़कर 8.90%।
एक साल की MCLR: 8.95% से बढ़कर 9%।

बाकी अवधि के लिए MCLR दरें स्थिर हैं, जैसे कि दो साल की MCLR 9.05% और तीन साल की MCLR 9.10% पर बनी हुई है।

लोन पर असर

MCLR में बढ़ोतरी का मतलब है कि होम लोन, ऑटो लोन, और अन्य लोन महंगे हो जाएंगे, जो इन नई दरों से जुड़े हुए हैं। उदाहरण के लिए, एक साल की MCLR से जुड़े लोन की मासिक किस्त (EMI) में हल्की वृद्धि हो सकती है। SBI की यह बढ़ोतरी अन्य बैंकों को भी इसी दिशा में कदम उठाने के लिए प्रेरित कर सकती है, जिससे लोन की कुल लागत उपभोक्ताओं के लिए बढ़ सकती है।

आरबीआई के कदमों से जुड़ा फैसला

SBI का यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की महंगाई को नियंत्रित करने की कोशिशों के अनुरूप है। RBI के हालिया आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2024 में सभी कमर्शियल बैंकों का औसत एक साल का MCLR 8.95% पर स्थिर रहा।

ऑटो और पर्सनल लोन पर भी असर

SBI की नई MCLR दरें ऑटो लोन और पर्सनल लोन पर भी असर डालेंगी। ऑटो लोन की दरें ग्राहक के CIBIL स्कोर पर निर्भर करती हैं, जबकि पर्सनल लोन की दरें SBI की दो साल की MCLR से जुड़ी होती हैं।

Advertisement
First Published - November 15, 2024 | 7:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement