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सरेंडर वैल्यू पर नए नियमों से एसबीआई लाइफ पर होगा बहुत कम असर: अमित झिंगरन

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एसबीआई लाइफ का प्रदर्शन बेहतर, एजेंसी मॉडल पर फोकस और नए अवसरों की तैयारी: अमित झिंगरन

Last Updated- October 28, 2024 | 9:54 PM IST
Amit Jhingran, SBI Life Insurance MD & CEO

एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी अमित झिंगरन का कहना है कि वह दूसरी तिमाही में कंपनी के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं। बीमा क्षेत्र में उभरने वाली विभिन्न संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए कंपनी की तैयारी सहित अन्य विषयों पर झिंगरन से सुब्रत पांडा और आतिरा वारियर ने बात की। पेश हैं साक्षात्कार के प्रमुख अंशः

दूसरी तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहा है?

हम कंपनी के कारोबार में हुई तरक्की से संतुष्ट हैं। हमने तय किया है कि हम एजेंसी आधारित (एजेंट के माध्यम) बीमा पॉलिसियों की बिक्री पर अधिक ध्यान देंगे ताकि संतुलन कायम रहे। इस समय बैंकों के माध्यम से बिकने वाली पॉलिसियों (बैंकएश्योरेंस) की हमारे राजस्व में 60-65 फीसदी तक हिस्सेदारी होती है।

हमने एजेंसी 2.O की शुरुआत की है और एजेंटों के जरिये हुआ कारोबार हमारे बजट लक्ष्य से अधिक रहा है। बैंकों के जरिये कारोबार वृद्धि थोड़ी कमजोर रही है। हम बैंक एश्योरेंस माध्यम में उपलब्ध डिजिटल चैनल से कारोबारी संभावनाओं का फायदा उठाने के बारे में सोच रहे हैं। एसबीआई के योनो ऐप का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

सरेंडर वैल्यू पर नए निर्देश के बाद आने वाले समय में कंपनी का कारोबारी मार्जिन कैसा रहेगा?

जहां तक सरेंडर वैल्यू पर शुल्क का सवाल है तो इसका असर हम पर सबसे कम रहेगा। इसके कई कारण हैं और उनमें एक यह है कि हम यूनिट लिंक्ड पॉलिसियों का कारोबार अधिक करते हैं। दूसरा कारण यह है कि बीमा उद्योग में हमारी लागत संरचना सबसे कम है। हमें नहीं लगता है कि एसबीआई लाइफ के मार्जिन पर कोई बड़ा असर आएगा।

पॉलिसीधारकों के लिए आईआरआर में कोई बदलाव हो सकता है?

हम अगस्त के मध्य में नॉन-पार्टिसिपेटरी प्रोडक्ट्स के लिए मूल्य संरचना में बदलाव कर चुके हैं। आगे चलकर ब्याज दरों में कोई कमी होने तक मूल्यों में बदलाव की गुंजाइश नहीं बन रही है।

वितरकों के लिए कमीशन में बदलाव को लेकर कंपनी क्या कर रही है?

बीमा उद्योग में एसबीआई लाइफ की लागत संरचना सबसे कम है। फिलहाल तो हमने अपनी कमीशन संरचना में कोई बदलाव नहीं किया है। इस पर कोई निर्णय लेने से पहले हम थोड़ा इंतजार करेंगे। चीजें हमारी अपेक्षाओं से बहुत जुदा रहीं तो इस रुख की समीक्षा की जाएगी।

वर्ष 2047 तक सभी के लिए बीमा लक्ष्य हासिल करने के लिए आपकी कंपनी क्या कर रही है?

भारत की अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ रही है और लोगों की आय भी अब पहले से अधिक हो गई है। इससे बीमा कंपनियों के लिए अवसर काफी बढ़ गए हैं। सरकार और बीमा नियामक ने वर्ष 2047 तक सभी के लिए बीमा सेवा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है और इसे पूरा करने के लिए हमारी कंपनी भी पूरी तरह साथ दे रही है। हम इसे अपनी कंपनी के लिए कारोबार बढ़ाने के एक बड़े अवसर के रूप में भी देख रहे हैं।

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First Published - October 28, 2024 | 9:54 PM IST

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