facebookmetapixel
Advertisement
पश्चिम एशिया की जंग से भारतीय अर्थव्यवस्था पर संकट: क्या 7.4% की विकास दर हासिल कर पाएगा भारत?WTO में भारत का बड़ा कदम: डिजिटल ट्रेड पर टैरिफ न लगाने के मोरेटोरियम को दो साल के लिए दी मंजूरीमोदी-ट्रंप की फोन पर बातचीत में मस्क की मौजूदगी को भारत ने नकारा, कहा: सिर्फ दोनों नेता ही शामिल थेApple ने बदला अपना गेम प्लान, भारत में पुराने आईफोन खरीदना अब नहीं होगा इतना सस्ता2026 में आ सकता है फाइनेंशियल क्रैश? रॉबर्ट कियोसाकी ने चेताया, बोले: पर ये अमीर बनने का मौका होगाIPL 2026: इस बार बिना MS Dhoni उतरेगी CSK, कौन संभालेगा टीम की कमान?ITR Filing 2026: इस बार नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होगा या पुराना? एक्सपर्ट से दूर करें सारा कंफ्यूजनIRB इंफ्रा और Triton Valves समेत ये 4 कंपनियां अगले हफ्ते देंगी बोनस शेयर, निवेशकों की बल्ले-बल्लेRentomojo ने सेबी के पास IPO के ड्राफ्ट पेपर जमा किए, ₹150 करोड़ फ्रेश इश्यू का लक्ष्य; बाजार में हलचलTVS Motor से लेकर CRISIL तक, अगले हफ्ते ये 7 दिग्गज कंपनियां बांटेंगी मुनाफा; चेक कर लें रिकॉर्ड डेट

निवासियों को रुपये में एनडीडीसी की अनुमति

Advertisement
Last Updated- April 06, 2023 | 9:24 PM IST
RBI Dividend: What is the reason for Reserve Bank of India giving huge dividend to the government? economists explained RBI Dividend: रिजर्व बैंक के सरकार को भारी लाभांश देने की क्या है वजह? अर्थशास्त्रियों ने समझाया

भारतीय निवासियों को रुपये में गैर-डिलिवरी वाले विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव अनुबंध (एनडीडीसी) की पेशकश करने के लिए बैंकों को अनुमति देने के नियामक के फैसले से घरेलू और विदेशी बाजारों के बीच मध्यस्थता खत्म करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों ने गुरुवार को यह उम्मीद जताई।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) बैंकिंग इकाइयों का परिचालन करने वाले भारतीय बैंक देशी बाजार में रुपये में एनडीडीसी की पेशकश कर सकते हैं।

मौद्रिक नीति के साथ जारी किए गए विकासात्मक और नियामकीय नीतियों के संबंध में इस बयान में कहा गया है कि डेरिवेटिव अनुबंध रुपये में तय किए जाएंगे और केंद्रीय बैंक उनके बारे में अलग से निर्देश जारी करेगा।

आरबीआई ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य देश के भीतर भारतीय रुपये (आईएनआर) में एनडीडीसी को विकसित करना और निवासियों को अपने हेजिंग कार्यक्रम कुशलतापूर्वक तैयार करने के लिए लचीलापन प्रदान करना है।

ईवाई इंडिया के प्रमुख (वित्तीय सेवा) अबिजर दीवानजी ने कहा कि एनडीएफ बाजार को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा क्षेत्र में लाना स्वागत योग्य कदम है क्योंकि हम अधिकांश मुद्राओं के मुकाबले रुपये के लिए अधिक वास्तविक फॉरवर्ड दर देख सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र में परिचालन करने वाली भारतीय बैंकों की इकाइयों को 1 जून, 2020 से अनिवासियों के साथ और एक-दूसरे के साथ रुपये में एनडीडीसी के लेनदेन की अनुमति दी गई थी।

इन बैंकों को अपने एनडीडीसी लेनदेन को अनिवासियों के साथ और एक-दूसरे के साथ विदेशी मुद्रा या रुपये में निपटाने की सुविधा होगी, जबकि निवासियों के साथ लेनदेन अनिवार्य रूप से रुपये में निपटाए जाएंगे।

वित्तीय सलाहकार और भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व उप प्रबंध निदेशक वेंकट नागेश्वर चलसानी ने कहा कि निवासियों की एनडीएफ बाजार तक पहुंच होगी तथा और ज्यादा हेजिंग वाले उत्पाद पेश किए जा सकते हैं।

Advertisement
First Published - April 6, 2023 | 9:24 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement