facebookmetapixel
Advertisement
Mid Cap Stocks: अभी भी कमाई का मौका या दिखेगी उठापटक, निवेशकों के लिए क्या है बड़ी सलाह?HUL में अभी खरीदारी का मौका? ब्रोकरेज को दिख रहा 35% तक का अपसाइडपश्चिम एशिया में सुस्ती का L&T ने निकाला यूरोप वाला तोड़, दो ब्रोकरेज ने दिए ₹4,550 तक के टारगेटGold, Silver Price Today: फेड मीटिंग से पहले बाजार में मिक्स ट्रेंड; सोना ₹243 टूटा, चांदी ₹815 उछलीManipal Health IPO: तेज ग्रोथ, भारी कर्ज और गिरता मुनाफा… निवेशक क्या करें?US Fed Meeting: क्या इस बार भी नहीं बढ़ेगी ब्याज दर? Kevin Warsh के फैसले पर टिकी दुनियाभर के बाजारों की नजरStock Market Update: शेयर बाजार में तूफानी तेजी! Sensex 800 अंक उछला, IT और मिडकैप शेयरों ने भरी उड़ानRupee: लगातार तीसरे दिन मजबूत हुआ रुपया, चौथे दिन भी तेजी बरकरारStocks To Watch Today: RVNL, ONGC, LIC, NTPC समेत इन शेयरों पर रखें नजर, दिख सकता है एक्शन‘डिजिटल अरेस्ट’ को अलग अपराध बनाने पर विचार करे सरकार: सुप्रीम कोर्ट

डीपफेक पर सरकार सख्त: 3 घंटे में हटाना होगा AI कंटेंट, 20 फरवरी से नए डिजिटल नियम लागू

Advertisement

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सरकारी या अदालती आदेशों पर अब 36 घंटे के बजाय तीन घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होगी

Last Updated- February 10, 2026 | 7:14 PM IST
Social Media

सरकार ने मंगलवार को डीपफेक (Deepfake) सहित एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार और बनावटी कंटेंट के मैनेजमेंट को लेकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्मस के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। इसके तहत एक्स (X) और इंस्टाग्राम (Instagram) जैसे प्लेटफॉर्मस को किसी सक्षम अधिकारी या अदालतों द्वारा निर्देशित की गई ऐसी किसी भी कंंटेंट को तीन घंटे के भीतर हटाना होगा।

20 फरवरी से लागू होंगे नए नियम

सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडियरी गाइडलाइन्स और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021 में संशोधनों को नोटिफाई किया है। इसके जरिये औपचारिक रूप से एआई से तैयार (AI-generated) और बनावटी कटेंट (synthetic content) को परिभाषित किया गया है। ये नए नियम 20 फरवरी, 2026 से लागू होंगे।

संशोधनों में ‘ऑडियो, विजुअल या ऑडियो-विजुअल’ और ‘बनावटी रूप से तैयार की गई जानकारी’ को परिभाषित किया गया है, जिसमें एआई द्वारा निर्मित या परिवर्तित ऐसी सामग्री शामिल है जो वास्तविक या प्रामाणिक प्रतीत होती है। रेगुलर एडिटिंग, किसी कंटेंट को बेहतर बनाने और नेक नीयत से किए गए शैक्षिक या डिजाइन कार्यों को इस परिभाषा से बाहर रखा गया है।

Also Read: एडलवाइस की निडो होम फाइनेंस में कार्लाइल करेगा ₹2100 करोड़ का बड़ा निवेश, बहुमत हिस्सेदारी पर हुई डील

3 घटे में लेना होगा एक्शन

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नोटिफिकेशन में कहा कि प्रमुख परिवर्तनों में बनावटी कंटेंट को ‘सूचना’ के रूप में मानना शामिल है। आईटी नियमों के तहत गैरकानूनी कार्यों के निर्धारण के लिए एआई-जनरेटेड कंटेंट को अन्य सूचनाओं के समान माना जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सरकारी या अदालती आदेशों पर अब 36 घंटे के बजाय तीन घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होगी। इसके अलावा, यूजर्स की शिकायतों के निवारण की समयसीमा भी कम कर दी गई है।

AI जनरेटेड कंटेंट पर लेबलिंग जरूरी

नियमों के तहत एआई कंटेंट की अनिवार्य रूप से लेबलिंग जरूरी है। बनावटी कंटेंट बनाने या शेयर करने की सुविधा देने वाले प्लेटफॉर्म को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी कंटेंट पर स्पष्ट रूप से और प्रमुखता से लेबल लगाया जाए। जहां तकनीकी रूप से संभव हो, वहां इसे स्थायी मेटाडेटा या पहचानकर्ताओं के साथ जोड़ा जाना चाहिए।

नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि मध्यवर्ती (इंटरमीडियरीज) एक बार एआई लेबल या मेटाडेटा लगाए जाने के बाद उन्हें हटाने या छिपाने की अनुमति नहीं दे सकते।

(PTI इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - February 10, 2026 | 7:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement