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पश्चिम एशिया में सुस्ती का L&T ने निकाला यूरोप वाला तोड़, दो ब्रोकरेज ने दिए ₹4,550 तक के टारगेट

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पश्चिम एशिया में सुस्ती के बावजूद L&T को यूरोप के ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट्स और प्राइवेट सेक्टर से मजबूत ऑर्डर मिले

Last Updated- July 29, 2026 | 11:04 AM IST
Larsen & Toubro (L&T stock)

L&T share price: पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई चेन की दिक्कतों के बावजूद L&T ने जून तिमाही में अपने मुख्य कारोबार की रफ्तार बनाए रखी। कंपनी को यूरोप में मिले बड़े ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट्स और देश के प्राइवेट सेक्टर से मिले ऑर्डर का फायदा मिला। इससे पश्चिम एशिया में आई सुस्ती का असर काफी हद तक कम हो गया। हालांकि आगे की चुनौतियों को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म Nuvama और Motilal Oswal ने शेयर को लेकर अलग-अलग राय दी है।

ऑर्डर मिलने की रफ्तार मजबूत

Nuvama की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और सप्लाई चेन की दिक्कतों के बावजूद जून तिमाही में L&T के मुख्य कारोबार की कमाई 2 फीसदी बढ़ी। हालांकि मार्जिन 7 फीसदी पर आ जाने से EBITDA में 1.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

इसके बावजूद कंपनी के लिए अच्छी बात यह रही कि नए ऑर्डर 14 फीसदी बढ़े। फिलहाल उसके पास करीब ₹15 लाख करोड़ की संभावित ऑर्डर पाइपलाइन है। कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए ऑर्डर और रेवेन्यू में 10 से 12 फीसदी ग्रोथ का अनुमान बरकरार रखा है। साथ ही, मार्जिन गाइडेंस भी 7.8 फीसदी पर कायम रखी है।

वहीं Motilal Oswal की रिपोर्ट के मुताबिक, पहली तिमाही में L&T की ऑर्डर बुक बढ़कर करीब ₹7.8 लाख करोड़ पहुंच गई। पश्चिम एशिया से ऑर्डर आने की रफ्तार जरूर धीमी रही, लेकिन यूरोप में मिले बड़े ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट्स और भारत के प्राइवेट सेक्टर से मिले ऑर्डर ने इस कमी को काफी हद तक पूरा कर दिया।

यूरोप कैसे बना नया सहारा?

Motilal Oswal की रिपोर्ट के मुताबिक, इस तिमाही में L&T के कुल ऑर्डर का 54 फीसदी हिस्सा विदेशों से आया। पश्चिम एशिया में ऑर्डर मिलने की रफ्तार भले ही धीमी रही, लेकिन यूरोप से मिले बड़े ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट्स ने इस कमी की भरपाई कर दी।

कंपनी यूरोप के TenneT North Sea HVDC प्रोग्राम के तहत 8 गीगावाट क्षमता वाले कई बड़े प्रोजेक्ट हासिल कर चुकी है। इनकी कुल कीमत करीब ₹57,000-60,000 करोड़ है और इन्हें अगले 4 से 5 साल में पूरा किया जाएगा। Motilal Oswal का कहना है कि अलग-अलग देशों और क्षेत्रों में कारोबार होने का फायदा L&T को मिल रहा है। इसी वजह से पश्चिम एशिया और भारत में सरकारी प्रोजेक्ट्स की सुस्ती का असर कंपनी पर ज्यादा नहीं पड़ा।

दोनों ब्रोकरेज की राय क्यों अलग?

जहां Nuvama ने L&T पर ‘HOLD’ रेटिंग बरकरार रखी है, वहीं Motilal Oswal इस शेयर को लेकर ज्यादा भरोसेमंद नजर आ रहा है। Nuvama का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी दिक्कतों की वजह से वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही कंपनी के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकती है। हालांकि मजबूत नकदी स्थिति को देखते हुए ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के मुनाफे के अनुमान बढ़ाए हैं और टारगेट प्राइस मामूली बढ़ाकर ₹4,065 कर दिया है।

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दूसरी ओर, Motilal Oswal ने शेयर पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹4,550 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक, यूरोप में बढ़ता कारोबार और भारत के प्राइवेट सेक्टर से लगातार मिल रहे ऑर्डर आगे भी ग्रोथ को सहारा देंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, जून तिमाही में कंपनी के मुख्य कारोबार का रेवेन्यू और मुनाफा दोनों ही अनुमान से बेहतर रहे।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

अब आगे सबसे बड़ी नजर इस बात पर रहेगी कि पश्चिम एशिया में हालात कितनी जल्दी सामान्य होते हैं। कंपनी को उम्मीद है कि दूसरी तिमाही से वहां नए टेंडर और ऑर्डर मिलने की रफ्तार फिर तेज होगी।

हालांकि कुछ जोखिम अभी भी बने हुए हैं। बड़े प्रोजेक्ट्स में देरी, कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और वर्किंग कैपिटल पर दबाव कंपनी के लिए चुनौती बन सकते हैं। फिर भी मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन और यूरोप में तेजी से बढ़ता कारोबार L&T के लिए बड़ी ताकत बना हुआ है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी अपने मार्जिन और ऑर्डर को कितनी तेजी से कारोबार में बदल पाती है।

ब्रोकरेज रेटिंग टारगेट प्राइस मौजूदा भाव से संभावित रिटर्न
Nuvama Institutional Equities HOLD ₹4,065 +3.1%
Motilal Oswal Financial Services BUY ₹4,550 +15.4%

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

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First Published - July 29, 2026 | 10:45 AM IST

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