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बाजार की अस्थिरता भी प्रभावित न कर सकी यूलिप की बिक्री

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Last Updated- December 10, 2022 | 4:20 PM IST

जीवन बीमा कंपनियों के प्रथम वर्ष के प्रीमियम की वृध्दि पर खास तौर से यूनिट लिंक्ड बीमा योजनाओं (यूलिप) के प्रीमियम पर अंतिम तिमाही के दौरान शेयर बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव का कोई खास प्रभाव नहीं हुआ।


भारतीय जीवन बीमा निगम के सूत्रों ने जानकारी दी की बाजार-परिस्थितियों का प्रभाव यूलिप उत्पादों की बिक्री और व्यवसाय के विकास पर नहीं पड़ा और यह बिल्कुल वैसा ही हुआ है जैसा कि उनका अनुमान था।सूत्रों ने बताया, ‘बाजार से जुड़ी और उनसे अलग योजनाओं की बिक्री का अनुपात अंतिम तिमाही में पहले जैसा ही था।’ उन्होंने इसका श्रेय भारतीय जीवन बीमा निगम की यूनिट लिंक्ड उत्पादों के तीन वर्ष की लॉक-इन अवधि को दी।


मैक्स न्यू यॉर्क लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी गैरी आर बैनेट के अनुसार यूलिप उत्पादों पर बाजार की अस्थिरता का कोई प्रभाव नहीं होना चाहिए।उन्होंने कहा, ‘वास्तव में लोग निश्चित ब्याज वाली योजनाओं से इक्विटी की तरफ आ रहे हैं।’ कंपनी की कुल प्रीमियम आय का लगभग 50 प्रतिशत यूलिप से आता है और अगर पहले साल के प्रीमियम की बात की जाए तो यूलिप का अनुपात लगभग 80 प्रतिशत हो जाता है।


मैक्स न्यू यॉर्क लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने मार्च 2008 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में कुल प्रीमियम आय में 60 प्रतिशत की वृध्दि दर्ज की है। कुल प्रीमियम आय 5,400 करोड़ रुपये रही जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 3,055 रुपये थी। इसमें 3,500 करोड़ रुपये के पहले वर्ष का प्रीमियम भी शामिल है जिसमें पिछले वित्तीय वर्ष की अपेक्षा 70 प्रतिशत से अधिक की बढोतरी हुई है।


मैक्स न्यू यॉर्क लाइफ  इंश्योरेंस कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी गैरी आर बैनेट ने कहा, ‘पिछले छह महीने में हमने साल दर साल के हिसाब से 99 प्रतिशत की वृध्दि दर्ज की है।’


इसी प्रकार, टाटा एआईजी लाइफ इंश्योरेंस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एस भरत ने भी यूलिप की बिक्री पर बाजार की अस्थिरता के प्रभाव की किसी संभावना से इनकार कर दिया क्योंकि उनके अनुसार यूलिप दीर्घावधि की निवेश की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा, ‘जहां तक हमारे उत्पादों की बात है तो उन पर कोई प्रभाव पड़ता मैं नहीं देखता।’हालांकि, निजी क्षेत्र की बड़ी जीवन बीमा कंपनी एसबीआई लाइफ के साथ ऐसा नहीं है।


एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी यूएस राय ने कहा, ‘बाजार परिस्थितियों से यूलिप उत्पादों की बिक्री पर प्रभाव पड़ा है क्योंकि ग्राहक अभी धैर्य के साथ इंतजार करने की नीति अपना रहे हैं। जनवरी से मार्च की अवधि के दौरान पहले वर्ष के प्रीमियम में यूलिप उत्पादों से हुई वृध्दि 60 प्रतिशत रही है।’


एसबीआई लाइफ, जो निजी क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है, ने मार्च में समाप्त हुई तिमाही में 90-95 प्रतिशत की वृध्दि दर्ज की है जबकि एक साल पहले यह 170 प्रतिशत थी। कुल प्रीमियम आय लगभग 5,800 करोड़ रुपये की हो सकती है।


राय ने कहा, ‘पिछले वर्ष प्रीमियम से होने वाली आय 3,000 करोड़ रुपये थी और इस वर्ष इसमें लगभग 100 प्रतिशत की वृध्दि होगी।’ पहले साल का प्रीमियम 5,000 करोड़ रुपये होगा जबकि एक साल पहले यह 2,500 करोड़ रुपये था।उन्होंने स्वीकार किया, ‘अंतिम तिमाही में वृध्दि के अनुमान प्रभावित हुए हैं।’

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First Published - April 7, 2008 | 11:14 PM IST

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