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रियल एस्टेट में बनाएं पैसा

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Last Updated- December 06, 2022 | 12:02 AM IST

शेयर बाजार अव्यवस्थित हो सकता है लेकिन एक रियल एस्टेट फंड निवेशकों की खुशी को बनाए रखने में सफल रहा है, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है।


रियल एस्टेट उद्योग कम से कम आशाजनक तो है। पिछले कुछ वर्षों में कई रियल एस्टेट कंपनियां सूचीबध्द हुई हैं और विदेशी पैसों का प्रवाह रियल एस्टेट फंडों में बना है। वर्ष 2007 में भारत का सबसे बड़ा आईपीओ – डीएलएफ- इसी क्षेत्र से था।


डीएलएफ के सूचीबध्द होने से अंसल प्रोपर्टीज और यूनिटेक को भी लाभ हुआ जिसके शेयर के मूल्यों में जबर्दस्त उछाल आया। इस सेक्टर के प्रदर्शन को ट्रैक करने के लिए एक नया सूचकांक विकसित किया गया था। और जैसे-जैसे सेंसेक्स में बढ़त हुई, रियल एस्टेट क्षेत्र ने भी अच्छा प्रतिफल दिया है।


भारत में रियल एस्टेट सेक्टर का सूचकांक, बीएसई रियल्टी में अच्छी खासी बढ़त हुई है। जुलाई 2007 में इसकी शुरुआत हुई थी और केवल छह महीनों में इसमें लगभग 84 प्रतिशत की बढ़त हुई है। यह सूचकांक 14 जनवरी 2008 को अपने सबसे ऊंचे स्तर 13,647 पर था।


लेकिन जब सेंसेक्स में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आई (21 जनवरी 2008 से 22 अप्रैल 2008 के बीच) तो बीएसई रियल्टी में लगभग 41 प्रतिशत की कमी आई। इसके बावजूद, आईएनजी ग्लोबल रियल एस्टेट फंड के निवेशक दुख नहीं मना रहे थे।


इस फंड का प्रदर्शन बीएसई रियल्टी सूचकांक की तुलना में काफी बेहतर रहा वह भी बेहतर मार्जिन से। इस फंड ने न केवल झटकों को सहा बल्कि इसी समयावधि में इसने आठ प्रतिशत का प्रतिफल भी दिया। अगर आपने 10 जनवरी 2008 को 10,000 रुपये का अलग-अलग निवेश सेंसेक्स, बीएसई रियल्टी और आईएनजी ग्लोबल रियल एस्टेट फंड में किया होता तो 22 अप्रैल 2008 के अनुसार आपके निवेश का मूल्य क्रमश: 7,900 रुपये, 5,500 रुपये और 10,800 रुपये होता।


22 अप्रैल 2008 को समाप्त हुए एक महीने की समयावधि में इस फंड ने लगभग 11 प्रतिशत का प्रतिफल दिया है। इसी समयावधि में आईसीआईसीआई प्रूडेन्शियल रियल एस्टेट फंड ने एक प्रतिशत का ऋणात्मक प्रतिफल दिया है।


हालांकि, इस तरह की तुलना करना जायज नहीं है क्योंकि आईसीआईसीआई प्रूडेनिशयल रियल एस्टेट फंड के तहत घरेलू स्तर पर निवेश किया जाता है जबकि आईएनजी ग्लोबल रियल एस्टेट फंड एक वैश्विक स्तर पर निवेश करने वाला फंड है जो विदेशी इक्विटी फंड आईएनजी रियल एस्टेट सिक्योरिटीज के लिए फीडर फंड का काम करता है।केवल परिसंपत्ति का विशाखण ही मायने नहीं रखता है। भौगोलिक विशाखण भी कुल मिलाकर पोर्टफोलियो के प्रतिफल में इजाफा करता है।

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First Published - April 28, 2008 | 2:00 PM IST

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